
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo-ANI)
White House : व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन की महत्वपूर्ण राजकीय यात्रा के मुख्य नतीजों को दर्शाती एक आधिकारिक फैक्ट शीट जारी की है। इस विस्तृत रिपोर्ट में दोनों महाशक्तियों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, सीमा पार निवेश और ईरान के सुरक्षा गतिरोध से जुड़ी अहम सफलताओं का ब्यौरा दिया गया है। अहम बात यह है कि इस दस्तावेज में ताइवान का कहीं कोई नाम नहीं है, जबकि ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई लंबी चर्चाओं में यह स्वशासित द्वीप मुख्य मुद्दा था। फैक्ट शीट के मुताबिक, इन दो वैश्विक आर्थिक दिग्गजों ने अपने आर्थिक और निवेश मामलों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए दो नए संस्थागत मंच-'यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ ट्रेड" और "यूएस-चाइना बोर्ड ऑफ इनवेस्टमेंट' गठित करने का फैसला किया है।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर, दस्तावेज से पता चलता है कि ट्रंप और शी जिनपिंग मध्य पूर्व के तनाव को लेकर एक राय रखते हैं। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकता। वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की वकालत की और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी देश या संगठन को यहां टोल टैक्स वसूल करने का हक नहीं होगा।
व्हाइट हाउस ने राजनयिक रिश्तों में मजबूती लाते हुए बताया कि ट्रंप इसी साल वाशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मेजबानी करेंगे। इसके साथ ही दोनों देश आगामी जी 20 और एपेक सम्मेलनों की मेजबानी में एक-दूसरे का समर्थन करेंगे। इस तथ्य पत्रक से यह तथ्य भी सामने आया है कि चीन ने दुर्लभ पृथ्वी खनिजों (विशेष रूप से यट्रियम, स्कैंडियम, नियोडिमियम और इंडियम) और महत्वपूर्ण सामग्री की कमी व आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को लेकर अमेरिकी चिंताओं को दूर करने का सीधा भरोसा दिया है।
अमेरिकी एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ी राहत देते हुए इस दस्तावेज में बताया गया है कि चीन ने अपनी घरेलू एयरलाइनों के लिए 200 अमेरिकी बोइंग विमानों की शुरुआती खरीद को मंजूरी दे दी है। साल 2017 के बाद से अमेरिकी विमानन कंपनी बोइंग के लिए चीन की ओर से यह पहली बड़ी प्रतिबद्धता है। इसके अलावा, बीजिंग ने साल 2026, 2027 और 2028 के दौरान हर साल कम से कम 17 अरब अमेरिकी डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों को खरीदने का वादा किया है, जो 2025 की मौजूदा सोयाबीन प्रतिबद्धताओं से अलग होगा। व्यापारिक मोर्चे पर ढील देते हुए चीन ने 400 से अधिक अमेरिकी गोमांस कारखानों के लिए अपने बाजार को फिर से खोल दिया है और बर्ड फ्लू सुरक्षा नियमों को पूरा करने वाले अमेरिकी राज्यों से पोल्ट्री के आयात पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है।
हालांकि, इस पूरे फैक्ट शीट में आर्थिक सहयोग और "रणनीतिक स्थिरता" पर बहुत जोर दिया गया है, पर ताइवान का नाम न होना हैरान करने वाला है। ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान यह मुद्दा बेहद संवेदनशील रहा था, जहां शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी दी थी कि ताइवान को लेकर की गई कोई भी चूक दोनों देशों को सीधे सैन्य टकराव में धकेल सकती है।
चीन में रहते हुए ट्रंप ने सार्वजनिक मंचों पर ताइवान पर कुछ भी बोलने से परहेज किया, लेकिन वहां से विदा होते ही पत्रकारों से बातचीत में माना कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ताइवान पर गहन चर्चा की थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि वे ताइपे के लिए स्वीकृत अमेरिकी रक्षा पैकेज की समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, बाद में एक इंटरव्यू में ट्रंप ने इस संभावित अरबों डॉलर के हथियार सौदे को सिर्फ एक 'मोलभाव का मोहरा' बताया, जिससे ताइवान के भीतर असुरक्षा की भावना बढ़ गई थी।
व्हाइट हाउस के इस पत्रक के अंत में कहा गया है कि दोनों पक्ष 'निष्पक्षता और पारस्परिकता' के आधार पर एक रचनात्मक और रणनीतिक संबंध बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चीनी अधिकारियों ने इस नए फ्रेमवर्क को अगले तीन सालों के लिए दोनों देशों के संबंधों का एक ऐतिहासिक खाका माना है, जो विवादों को किनारे रखकर गहरे सहयोग को प्राथमिकता देता है।
बहरहाल, ऊपरी स्तर की इस बैठक में ईरान संकट और ऊर्जा सुरक्षा पर भी बात हुई। ट्रंप ने दावा किया कि जिनपिंग होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने की जरूरत पर सहमत हैं, हालांकि चीनी राजनयिकों का रुख सार्वजनिक रूप से थोड़ा नरम रहा। उनका कहना है कि इस संकट का स्थायी समाधान सभी पक्षों की जायज चिंताओं को ध्यान में रखकर ही निकाला जाना चाहिए। ( इनपुट : ANI )
संबंधित विषय:
Updated on:
18 May 2026 05:59 pm
Published on:
18 May 2026 05:59 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
