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43 साल बाद नॉर्वे पहुंचे PM मोदी, समंदर से अंतरिक्ष तक के मास्टरप्लान पर होगी चर्चा, 5 देशों के साथ मजबूत होगी साझेदारी

43 साल बाद Narendra Modi नॉर्वे पहुंचे। ओस्लो में भारत-नॉर्डिक समिट, ISRO स्पेस सहयोग, EFTA डील और ग्रीन टेक्नोलॉजी निवेश पर बड़ी साझेदारी की तैयारी है।

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भारत

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Ankit Sai

May 18, 2026

Narendra Modi

43 साल बाद Narendra Modi नॉर्वे पहुंचे।

PM Modi Visit Norway: नॉर्वे में पिछली बार पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1983 में गई थीं। जिसके बाद आज 43 साल बाद पीएम मोदी नॉर्वे पहुंचे है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने खुद एयरपोर्ट पहुंचकर पीएम मोदी का स्वागत किया। यह दौरा भारत को आर्थिक और अंतरिक्ष क्षेत्र में महाशक्ति बनाने की दिशा में बड़ा मास्टरप्लान माना जा रहा है। पीएम मोदी जोनास गहर स्टोर और शाही परिवार से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिससे ग्रीन टेक्नोलॉजी और ब्लू इकोनॉमी में अरबों डॉलर के निवेश पर मुहर लगेगी। 19 मई को ओस्लो में होने वाला 'तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' सबसे अहम है, जहां पीएम मोदी 5 देशों के साथ व्यापार को नई दिशा देंगे।

PM मोदी ने X पर लिखा भावुक पोस्ट

जैसे ही पीएम मोदी का विमान ओस्लो की धरती पर उतरा, नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर उनकी अगवानी के लिए वहां मौजूद थे। लैंड करने के तुरंत बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं शेयर कीं। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक हैंडल से बयान जारी किया जिसमें कहा कि 'नॉर्वे के ओस्लो में उतरा। हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत के लिए मैं प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर का आभारी हूं। चार दशकों से भी अधिक समय में नॉर्वे की यह पहली प्रधानमंत्री-स्तरीय यात्रा है। मुझे विश्वास है कि यह भारत-नॉर्वे की दोस्ती में नई जान फूंक देगी।'

समंदर से लेकर अंतरिक्ष तक और EFTA डील

भारत ने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिसके बाद यह दौरा हो रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, साल 2024 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 2.73 अरब डॉलर था। लेकिन चौंकाने वाला आंकड़ा यह है कि नॉर्वे का 'गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल' भारतीय शेयर बाजार में लगभग 28 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है। अब इस दौरे के बाद ग्रीन टेक्नोलॉजी, ट्रेड और ब्लू इकोनॉमी (समुद्री व्यापार) के क्षेत्र में कई ऐसे ऐतिहासिक समझौते होने जा रहे हैं, जो भारतीय बाजार की किस्मत बदल देंगे। दोनों नेता 'इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट' को भी संबोधित करेंगे। द्विपक्षीय वार्ता में भारत के ISRO और नॉर्वे के KSAT के बीच स्पेस सहयोग पर चर्चा होगी, जिसमें दोनों संस्थाएँ एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करेंगी।

PM मोदी की शाही परिवार से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। अपनी इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम मोदी नॉर्वे के शाही परिवार के राजा हेराल्ड पंचम (V) और रानी सोंजा (सोन्या) से भी मुलाकात करेंगे और द्विपक्षीय वार्ता को नई दिशा देंगे। उधर, दोनों देशों के टॉप बिजनेसमैन और वैज्ञानिकों के बीच 'इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट' होने जा रहा है, जिसमें भारत में अरबों डॉलर के निवेश पर मुहर लगेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'मैं महामहिम राजा हेराल्ड V और रानी सोन्या से मिलूंगा और प्रधानमंत्री स्टोर के साथ बातचीत करूंगा। कल, 19 तारीख को, ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन होगा, जो मेरे नॉर्डिक समकक्षों से मिलने का एक शानदार अवसर प्रदान करेगा।'

5 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठक

19 मई को ओस्लो की धरती पर 'तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन' होने जा रहा है। इस समिट में नॉर्डिक क्षेत्र के सभी 5 ताकतवर देश शामिल हो रहे हैं। जिसमें नॉर्वे, डेनार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन शामिल है। भारत और नॉर्डिक देशों के बीच इस समय करीब 19 अरब डॉलर का कारोबार होता है। भारत में लगभग 700 नॉर्डिक कंपनियां पहले से ही एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पैर जमाए बैठी हैं।

इंदिरा गांधी के बाद मोदी का यह कदम क्यों है बेहद खास?

जून 1983 में जब इंदिरा गांधी नॉर्वे गई थीं, तब की दुनिया अलग थी। आज का भारत वैश्विक महाशक्ति बनने की राह पर है। यही वजह है कि इस दौरे की टाइमिंग को लेकर वॉशिंगटन से लेकर बीजिंग तक चर्चाएं तेज हैं। क्लीन एनर्जी, ग्रीन ट्रांजिशन और ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए भारत अब यूरोप के इस सबसे अमीर हिस्से को अपने पाले में कर रहा है।