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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाक ने सऊदी में उतारे 8,000 सैनिक, JF-17 फाइटर जेट भी भेजा, बड़ी वजह सामने आई

Pakistani Troop In Saudi Arabia: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब में 8,000 सैनिक, JF-17 फाइटर जेट और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान और सऊदी के रक्षा समझौते के तहत यह बड़ी सैन्य तैनाती की गई। आपको बता दें कि पाकिस्तान ईरान-US सीजफायर में मध्यस्थ की भूमिका भी निभा रहा है।

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भारत

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Anurag Animesh

May 18, 2026

JF-17 Fighter Jets in Saudi Arabia

पाक ने सऊदी में उतारे 8,000 सैनिक और JF-17 फाइटर जेट(फोटो-ANI)

Pakistan Troop Deployment In Saudi Arabia: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान की भूमिका लगातार चर्चा में बनी हुई है। इसी कड़ी में बड़ा अपडेट सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपने हजारों सैनिक, लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम वहां तैनात कर दिए हैं। इस खबर से पश्चिम एशिया की राजनीति और गर्म हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने सऊदी अरब में करीब 8,000 सैनिक भेजे हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान एयर फोर्स के JF-17 लड़ाकू विमानों का एक पूरा स्क्वाड्रन भी वहां मौजूद है। ये वही फाइटर जेट हैं जिन्हें पाकिस्तान और चीन ने मिलकर विकसित किया था। बताया जा रहा है कि करीब 16 लड़ाकू विमान, ड्रोन स्क्वाड्रन और HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम भी इस तैनाती का हिस्सा हैं।

सऊदी उठा रहा खर्च


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन सभी सैन्य उपकरणों को पाकिस्तानी सैनिक ही ऑपरेट कर रहे हैं, जबकि पूरा खर्च सऊदी अरब उठा रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पुराने रक्षा समझौते के तहत यह कदम उठाया गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान 80 हजार तक सैनिक सऊदी अरब भेज सकता है। असल में यह तैनाती ऐसे समय पर हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच बना सीजफायर बेहद नाजुक माना जा रहा है।

नया शांति प्रस्ताव भेजने का दावा


ऐसा दावा किया जा रहा है कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। हालांकि परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट और युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दों पर अब भी दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर बातचीत विफल हुई तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा था कि मौजूदा युद्धविराम पाकिस्तान की कोशिशों की वजह से संभव हो पाया।

ईरानी सैन्य विमानों को पाकिस्तान में मिला था शरण?


आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि ईरानी सैन्य विमानों को युद्ध के दौरान पाकिस्तान के एयरबेस पर शरण दी गई थी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान और सऊदी अरब के रक्षा समझौते में युद्धपोतों की तैनाती का भी प्रावधान है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि पाकिस्तानी नौसेना के जहाज सऊदी समुद्री क्षेत्र में पहुंचे हैं या नहीं।