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ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए अमेरिका ने फिर किए हमले, कई जगह सुनाई दिए धमाके

Iran-US Conflict: अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेना ने साफ कर दिया है कि ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए ये हमले किए जा रहे हैं।
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Jul 15, 2026
US again attacks Iran
अमेरिका ने फिर शुरू किए ईरान पर हमले (File Photo)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं। यह लगातार चौथी रात है जब अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते भी अमेरिकी सेना ने लगातार दो रात ईरान को दहलाया था। अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने ईरान पर हमले की पुष्टि की।

ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हमले

अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट में बताया कि ईरान पर किए जा रहे इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। ईरान समय-समय पर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हमले करता है और उसे ऐसा करने से रोका जा सके, इसी लिए इन हमलों के लिए इस्तेमाल होने वाली ईरान की क्षमताओं को कमज़ोर करने के लिए अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने भी दी धमकी

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड (Donald Trump) ने भी धमकी दी है कि ईरान की सैन्य क्षमता को खत्म कर दिया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में ईरान की ज़्यादातर सैन्य क्षमता खत्म हो चुकी है।

ईरान में कई जगह सुनाई दिए धमाके

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान में कई जगह धमाके सुनाई दिए हैं। ईरानी मीडिया ने जानकारी दी कि बंदर अब्बास, सिरिक, केशम आइलैंड, चाबहार, बंपुर, होर्मोज़गन और अहवाज़ में कई धमाके सुनाई दिए हैं। अभी और जगहों पर भी धमाके हो सकते हैं। अमेरिकी सेना बंदर अब्बास, सिरिक और केशम आइलैंड को लगातार निशाना बना रही है।

ईरान के खिलाफ फिर से लागू हुई अमेरिकी नाकेबंदी

अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने बताया कि ईरान पर ये हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज स्ट्रेट के तटीय इलाकों की नाकेबंदी फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। यह नाकेबंदी शाम 4 बजे ईस्टर्न टाइम (भारतीय समयानुसार आधी रात बाद 1:30 बजे) से लागू हो गई है। ट्रंप ने पहले ही साफ कर दिया है कि यह नाकेबंदी सिर्फ ईरान के खिलाफ होगी और अन्य देशों के जहाजों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।