वेनेज़ुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है। ट्रंप के इस ऐलान से चीन की चिंता बढ़ सकती है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
अमेरिका (United States Of America) के हमले के बाद वेनेज़ुएला (Venezuela) में स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस (Cilia Flores) की किडनैपिंग के बाद डेल्सी रोड्रिगेज़ (Delcy Rodríguez) को देश की अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने यह साफ कर दिया है कि वेनेज़ुएला को अमेरिकी हितों का ध्यान रखा होगा। ट्रंप ने वेनेज़ुएला से 30 से 50 मिलियन बैरल तेल मांगा है, जिसे बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा। इस तेल की बिक्री से जो धन आएगा, उसे ट्रंप प्रशासन नियंत्रित करेगा, जिससे इसका इस्तेमाल वेनेज़ुएला और अमेरिका के लोगों के फायदे के लिए किया जा सके। अब ट्रंप ने इस मामले में एक और बड़ा ऐलान कर दिया है।
ट्रंप ने ऐलान किया है कि तेल की बिक्री से जो धन मिलेगा, उससे वेनेज़ुएला सिर्फ अमेरिकी सामान ही खरीदेगा। ट्रंप ने बताया कि वेनेज़ुएला अन्य चीज़ों के अलावा अमेरिकी कृषि उत्पाद, अमेरिकी निर्मित दवाएं, चिकित्सा उपकरण और वेनेज़ुएला के विद्युत ग्रिड और ऊर्जा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए उपकरण शामिल होंगे। ट्रंप ने यह साफ कर दिया कि वेनेज़ुएला, अमेरिका को अपनामुख्य पार्टनर बनाकर उसके साथ व्यापार करने के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रंप ने इसे एक समझदारी भरा निर्णय बताते हुए दोनों देशों के लोगों के लिए इसे अच्छा बताया।
वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ (Delcy Rodríguez) ने बताया है कि ट्रंप की नीतियों की वजह से दोनों देशों के रिश्तों पर ऐसा दाग लग गया है, जो पहले कभी नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप, वेनेज़ुएला को दुनिया से अलग-थलग कर रहे हैं और अब दोनों देशों के बीच इकोनॉमिक और ट्रेड रिश्ते न तो अजीब हैं और न ही बहुत ज़्यादा। वेनेज़ुएला के आर्थिक रिश्ते दुनिया भर के अलग-अलग बाज़ारों में अलग-अलग तरह के हैं लेकिन ट्रंप उन्हें खराब कर रहे हैं।
ट्रंप के इस फैसले से वेनेज़ुएला के साथ चीन (China) को भी झटका लगेगा। वेनेज़ुएला के इम्पोर्ट में सबसे ज़्यादा हिस्सेदारी चीन की ही है। वेनेज़ुएला, चीन से करीब 34% सामान इम्पोर्ट करता है। हालांकि अब ट्रंप ने ऐलान कर दिया है कि वेनेज़ुएला सिर्फ अमेरिकी सामान ही खरीदेगा। इससे वेनेज़ुएला के बाजार से चीन का दबदबा खत्म हो सकता है और उसकी अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा। वहीँ वेनेज़ुएला को अब चीन का सस्ता सामान छोड़कर अमेरिकी सामान खरीदने मजबूर होना पड़ेगा।