
रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) और चीन (China) के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) एक-दूसरे के अच्छे दोस्त हैं और यह बात किसी से छिपी नहीं है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को 10 महीने से भी ज़्यादा समय बीत चुका है और यह अभी भी जारी है। इस बीच कई देशों ने यूक्रेन की मदद की और रूस की आलोचना की। वहीँ बेलारूस (Belarus) के अलावा चीन ही है जिसने रूस की मदद की। बेलारूस ने सिर्फ अपनी बॉर्डर्स का इस्तेमाल करने के लिए रूस को मंज़ूरी दी, पर चीन ने इस युद्ध में रूस को कई हथियार बेचे। आज, शुक्रवार, 30 दिसंबर को पुतिन ने जिनपिंग से बात करते हुए के इच्छा जताई है।
क्या है पुतिन की इच्छा?
पुतिन ने आज जिनपिंग से बात की। इस बात के दौरान पुतिन ने दोनों देशों के बीच मिलिट्री को-ऑपरेशन बढ़ाने की इच्छा जताई। पुतिन ने जिनपिंग से यह बात एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए की।
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वेस्ट देशों के इंफ्ल्युएंस को चुनौती देने के लिए ज़रूरी
पुतिन की इच्छा है कि रूस और चीन के बीच जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन्स और अभ्यासों को बढ़ाया जाए। दोनों देशों ने कुछ हफ्तों पहले भी इस तरह का जॉइंट मिलिट्री अभ्यास किया था। पुतिन का मानना है कि इससे दोनों देशों की मिलिट्री मज़बूत होगी। साथ ही वेस्ट देशों के इन्फ्लुएंस को चुनौती देने के लिए भी पुतिन रूस और चीन के मिलिट्री को-ऑपेरशन को एक अच्छा और ज़रूरी कदम मानते है।