रूस के भीषण हवाई हमले ने यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की नींद उड़ा दी! 800 से ज़्यादा ड्रोन के इस अभूतपूर्व हमले में कई इमारतें तबाह हुईं और जानमाल का नुकसान हुआ। ज़ेलेंस्की ने रूस पर कड़े प्रतिबंधों की मांग की है, जबकि ट्रम्प ने भी कठोर कार्रवाई का संकेत दिया है। पुतिन की इस हरकत से दुनिया की परीक्षा हो रही है, ज़ेलेंस्की का कहना है।
यूक्रेन के खिलाफ रूस लगातार आक्रामकता दिखा रहे हैं। शनिवार के हवाई हमले ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की नींद उड़ा दी है।
उन्होंने ताजा रूसी हमले को अब तक का सबसे बड़ा हमला तक बता दिया है। इसके साथ, उन्होंने रूस पर कड़े प्रतिबंध तक लगाने की गुहार लगा दी है।
जेलेंस्की ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आज हमने रूसी हमले पर अपने सहयोगियों की व्यापक प्रतिक्रिया देखी। रूस यूक्रेन पर और भी बेशर्मी से हमले करके उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। अब मुझे पता चल गया है कि पुतिन दुनिया की परीक्षा ले रहे हैं।
जेलेंस्की ने आगे कहा कि तमाम देशों को रूस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। रूस और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ प्रतिबंध और कड़े टैरिफ लगाना चाहिए। इसके साथ, रूस के साथ हर तरह के व्यापार पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए। उनके नुकसान का एहसास होना चाहिए।
जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन बातचीत नहीं चाहते, वह स्पष्ट रूप से उनसे छिप रहे हैं, इसलिए रूस की ईंधन की कमी और अन्य आर्थिक परेशानियां युद्धविराम या नेताओं के स्तर पर बैठक पर सहमत होने से इनकार करने का तार्किक जवाब हैं।
दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस पर कड़ा एक्शन लेने का संकेत दे दिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के दूसरे चरण में आगे बढ़ने और पुतिन को दंडित करने के लिए तैयार हैं, तो ट्रंप ने कहा कि हां, मैं तैयार हूं।
बता दें कि रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। जिसमें 800 से ज्यादा ड्रोन तैनात किए गए और पहली बार यूक्रेन की एक सरकारी इमारत पर हमला किया गया।
यूक्रेनी राजधानी में कई आवासीय इमारतें ड्रोन हमलों के दौरान तबाह हो गईं। इसमें दो लोगों की जान चली गई। कीव में 11 घंटे तक हवाई हमले का सायरन बजता रहा।
जेलेंस्की ने प्रारंभिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि कई ड्रोन बेलारूस से यूक्रेनी हवाई क्षेत्र में घुस आए थे। कीव में मंत्रियों के मंत्रिमंडल भवन को काफी नुकसान हुआ है, हमलों के बाद इसकी ऊपरी मंजिलों में आग लग गई। कई जगहों पर 20 से ज्यादा मकान ढह गए हैं।