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कौन हैं स्टीफन मिलर? जिन्हें ट्रंप ने सौंपी व्हाइट हाउस की कमान, सख्त इमिग्रेशन और मास डिपोर्टेशन नीति के माने जाते हैं सूत्रधार

White House Chief of Staff:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। सख्त इमिग्रेशन नीति के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले मिलर 9 नवंबर से पद संभालेंगे। मौजूदा चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स ट्रंप के राजनीतिक संगठन में नई भूमिका निभाएंगी।
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Updated: 7 Nov 2026, 7:54 AM IST
Stephen Miller
स्टीफन मिलर और डोनाल्ड ट्रंप (फ़ोटो- X@whitehouse)

Stephen Miller: मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े एडमिनिस्ट्रेटिव बदलाव की घोषणा की है, जिसमें स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ स्टाफ अपॉइंट किया गया है। 41 साल के मिलर अभी पॉलिसी के लिए डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और होमलैंड सिक्योरिटी के एडवाइजर के तौर पर काम कर रहे हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि मिलर सोमवार 9 नवंबर को ऑफिशियली यह रोल संभालेंगे। वह सूसी विल्स की जगह लेंगे, जो पहली महिला चीफ ऑफ स्टाफ थीं। ट्रंप ने साफ किया कि विल्स अब व्हाइट हाउस से बाहर जाकर उनके पॉलिटिकल ऑपरेशन्स को देखेंगी।

स्टीफन मिलर कौन हैं? स्टूडेंट पॉलिटिक्स से वाशिंगटन तक

23 अगस्त 1985 को सांता मोनिका कैलिफ़ोर्निया में जन्मे स्टीफन मिलर लंबे समय से अमेरिकी राइट विंग और कंजर्वेटिव पॉलिटिक्स में एक जाने-माने नाम रहे हैं। सांता मोनिका हाई स्कूल में अपने समय के दौरान उन्होंने स्कूल की लिबरल पॉलिसीज का खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया था और अक्सर लोकल रेडियो शो के जरिए अपने विचार बताते थे।

बाद में ड्यूक यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए उन्होंने ड्यूक कंजर्वेटिव यूनियन को लीड किया और कॉलेज में एक बड़े कानूनी विवाद में शामिल स्टूडेंट्स के मुखर डिफेंडर बने। ग्रेजुएशन के बाद वे वाशिंगटन चले गए, जहां उन्होंने अलबामा के पूर्व सीनेटर जेफ सेशंस सहित कई रिपब्लिकन सांसदों के सीनियर सहयोगी और लेजिस्लेटिव असिस्टेंट के तौर पर काम किया।

2016 के कैंपेन से शुरुआत

स्टीफन मिलर जनवरी 2016 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले प्रेसिडेंशियल कैंपेन में शामिल हुए, जहां उन्होंने सीनियर पॉलिसी एडवाइजर और चीफ स्पीचराइटर के तौर पर काम किया। उनके तेज और अग्रेसिव पॉलिटिकल स्टाइल ने ट्रंप का ध्यान खींचा। इसके बाद, 2017 में ट्रंप के पहले टर्म के दौरान, मिलर को प्रेसिडेंट का सीनियर एडवाइजर नियुक्त किया गया।

ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति के प्रमुख रणनीतिकार

स्टीफन मिलर को ट्रंप के पहले टर्म में लिए गए सख्त इमिग्रेशन फैसलों के पीछे मुख्य आर्किटेक्ट माना जाता है। उन्होंने बॉर्डर सिक्योरिटी बढ़ाने, असाइलम एलिजिबिलिटी पर बड़ी रोक लगाने और विवादित ट्रैवल बैन जैसी पॉलिसी बनाने में मदद की, जिसने कई मुस्लिम-बहुल देशों के नागरिकों को यूनाइटेड स्टेट्स में आने से रोक दिया। वह बॉर्डर पर 2018 की ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी के पीछे भी ड्राइविंग फोर्स थे, जिसके कारण बिना डॉक्यूमेंटेशन के U.S. में आने वाले बड़ों की गिरफ्तारी के बाद बच्चों को उनके परिवारों से अलग कर दिया गया।

इसके अलावा, उन्होंने DACA (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) प्रोग्राम को खत्म करने के लिए एक आक्रामक कैंपेन चलाया। आलोचकों और डेमोक्रेटिक सांसदों ने अक्सर उनके इस्तीफे की मांग की, उनके बयानों और पॉलिसी को बहुत ज़्यादा पोलराइजिंग बताया।

ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भी बढ़ा प्रभाव

जब डोनाल्ड ट्रंप जनवरी 2025 में सत्ता में लौटे, तो मिलर को पॉलिसी के लिए डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और होमलैंड सिक्योरिटी एडवाइजर नियुक्त किया गया। अपने दूसरे टर्म के दौरान मिलर ने सीधे तौर पर पूरे देश में मास डिपोर्टेशन कैंपेन को देखा। मई 2025 में उन्होंने U.S. इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के लिए हर दिन कम से कम 3,000 माइग्रेंट्स को अरेस्ट करने का एक बड़ा टारगेट रखा।

इसके अलावा उन्होंने फ़िलिस्तीनी अधिकारों के सपोर्ट में प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने वाले विदेशी स्टूडेंट्स के वीज़ा कैंसिल करने और उन्हें डिपोर्ट करने की पॉलिसी की वकालत की। उन्होंने मिलिट्री ताकत के आधार पर विदेशी मामलों में हार्डलाइन रुख अपनाने की भी खुले तौर पर वकालत की, जिसमें इंटरनेशनल नियमों के बजाय रॉ पावर को प्रायोरिटी दी गई।

चीफ ऑफ स्टाफ का रोल इतना इंपॉर्टेंट क्यों है?

व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ को प्रेसिडेंट का मेन स्ट्रेटजिस्ट और गेटकीपर माना जाता है, जो पूरे प्रेसिडेंशियल स्टाफ, एडमिनिस्ट्रेटिव अपॉइंटमेंट्स, प्रेसिडेंट के शेड्यूल और पॉलिसी डिसीजन के फ्लो की देखरेख करता है। रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनावों में मिली हार के बाद मिलर को यह टॉप एडमिनिस्ट्रेटिव पद सौंपने का ट्रंप का फैसला इस बात का इशारा है कि वह अपने अमेरिका फर्स्ट और हार्डलाइन एजेंडे को और तेज करना चाहते हैं।

हालांकि, जनवरी से U.S. हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट का कंट्रोल संभालने जा रहे डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे व्हाइट हाउस में स्टीफन मिलर के फैसलों और नीतियों की सख्त संसदीय जांच शुरू करेंगे।

अपनी विदाई पर क्या बोलीं सूसी विल्स

अपने जाने की पुष्टि करते हुए सूसी विल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ काम करना उनके जीवन के लिए बहुत बड़े सम्मान की बात रही है। उन्होंने सीमा सुरक्षा, टैक्स में कटौती और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपने योगदान पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी भूमिका बदल रही है, लेकिन इस मिशन के प्रति उनका समर्पण पहले की तरह ही अटूट है।

वहीं, स्टीफन मिलर ने ट्रंप को अमेरिकी इतिहास का सबसे क्रांतिकारी नेता बताया और कहा कि उनके साथ काम करना बहुत गर्व की बात है। उन्होंने आगे कहा कि अब उनका पूरा ध्यान पूरी ताकत से राष्ट्रपति का समर्थन करने और देश की रक्षा करने पर है।

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7 Nov 2026, 7:54 AM IST
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