
चीन में पारम्परिक मान्यता है कि वसंत के बिना शुरू हो रहे साल में शादी करने से दुर्भाग्य आ सकता है। लोकल बोलचाल में इसे 'विधवा वर्ष' तक कहा जाता है। देश में 10 फरवरी को शुरू हो रहा ड्रैगन वर्ष ऐसा ही एक विधवा वर्ष है। इसने चीन की कम्युनिस्ट सरकार की चिंता बढ़ा दी है जो पहले ही घटती विवाह दर को बढ़ाने के उपाय खोजने और लागू करने से जूझ रही है। नागरिक मामलों के मंत्रालय को अपनी वेबसाइट पर यह तक कहना पड़ा है कि 'सामान्य ज्ञान और वैज्ञानिक समझ से भटकाने वाले इस मुददे' पर उसकी नजर है। दरअसल, चीन में युवा परिवार शुरू करने और बच्चे पैदा करने के प्रति अनिच्छुक हो गए हैं, जिससे समाज तेजी से बूढ़ा हो रहा है। ऐसे में आशंका है कि नए ड्रैगन वर्ष में विवाह और कम हो जाएंगे।
क्या है विधवा वर्ष?
विधवा वर्ष (चीनी भाषा में गुआ फू नियान) ऐसे वर्ष को संदर्भित करता है, जिसकी शुरुआत वसंत से नहीं होती। दरअसल चाइनीज़ कैलेंडर का स्वरूप चंद्र-सौर है, यानी इसमें चंद्रमा के चक्र के आधार पर महीने लिए गए हैं, जिनमें 29 या 30 दिन होते हैं। वहीं पृथ्वी द्वारा सूर्य के चारों ओर घूमने में लगने वाले 365 दिनों के आधार पर इसमें साल लिए गए हैं। 12 महीनों से बना एक चंद्र वर्ष एक सौर वर्ष के माप में नहीं आता। ऐसे में चाइनीज़ कैलेंडर में हर तीन साल में एक लीप महीना (19 साल में 7 बार) जोड़ा जाता है। इसलिए कुछ चंद्र वर्षों में दो वसंत या वसंत के दो पहले दिन होते हैं, जबकि कुछ में एक भी नहीं होता।
क्या है विधवा वर्ष से जुड़े अंधविश्वास?
वसंत को वर्ष का सबसे जीवंत समय माना जाता है, क्योंकि यह जन्म और पुनर्जन्म का प्रतिनिधित्व करता है। अंधविश्वास कहता है कि लोगों को दोहरे वसंत वाले वर्षों में शादी करनी चाहिए और विधवा वर्षों में शादी के बंधन में बंधने से बचना चाहिए। अंधविश्वास है कि इस दौरान शादी करने वाली महिला को अपने पति को शीघ्र खोना पड़ सकता है। यह भी माना जाता है कि पूर्वजों के प्रति यह वर्ष अपमानजनक होते हैं, इसलिए उनकी समाधियाँ या स्मारक नहीं बनाने चाहिए। नया घर बनाना भी वर्जित बताया गया है।
चीन की विवाह दर में पहले ही भारी गिरावट
चीन में बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी के बढ़ने और कार्यबल के सिकुड़ने की चिंता के चलते सरकार लोगों को विवाह करने और बच्चे पैदा करने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दे रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चीन की विवाह दर में पिछले एक दशक से गिरावट आ रही है और यह सरकार के लिए चिंता की बात है क्योंकि इससे जनसंख्या वृद्धि दर में भी कमी देखने को मिल रही है।
यह भी पढ़ें- ऑस्ट्रेलियन टीक के पेड़ जलवायु परिवर्तन से भी बचाएंगे और आमदनी भी बढ़ेगी