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‘हम रूस के हाथों बंटना नहीं चाहते’, जेलेंस्की की यूरोप को चेतावनी, अबू धाबी वार्ता से पहले बड़ा बयान

Zelenskyy on European security architecture: जेलेंस्की ने सीएनएन इंटरव्यू में कहा कि युद्ध खत्म करने की बात किए बिना यूरोप की नई सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा खतरनाक है। जानें अबू धाबी वार्ता और रूस के ताजा हमलों का हाल।
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Updated: 7 Nov 2026, 9:15 AM IST
Russia-Ukraine war
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (फोटो-X@ZelenskyyUa)

Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध खत्म करने के तरीके पर चर्चा किए बिना यूरोप में नई सुरक्षा व्यवस्था की बात करना खतरनाक हो सकता है। अमेरिकी मीडिया चैनल CNN को दिए एक इंटरव्यू में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित संभावित नई सुरक्षा व्यवस्था के सभी ब्योरे उन्हें नहीं पता हैं।

जेलेंस्की ने आगे कहा कि यूक्रेन न तो यूरोपीय संघ का सदस्य है और न ही नाटो का, हालांकि वह ईयू की सदस्यता की राह पर है। उन्होंने कहा कि यूरोप की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी फैसला इस क्षेत्र के सभी देशों पर असर डालेगा। उन्होंने कहा कि मैं इन देशों की ओर से नहीं बोल रहा, लेकिन यह हम सबके लिए खतरनाक है। हम सब यूरोप में रहते हैं।

यूक्रेन संघर्षविराम और तनाव घटाने का समर्थन करता है: जेलेंस्की

उन्होंने दोहराया कि यूक्रेन संघर्षविराम और तनाव घटाने का समर्थन करता है, लेकिन मॉस्को की ओर से अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि वह युद्ध खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने को तैयार है। जेलेंस्की ने आगे कहा कि यूक्रेन अतीत की तरह यूरोप के बंटवारे के किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा। हम दूसरा याल्टा के लिए तैयार नहीं हैं।

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अमेरिका 10-11 नवंबर को अबू धाबी में यूक्रेन और रूस के बीच कार्यकारी स्तर की वार्ता में मध्यस्थता करेगा। इसमें युद्ध के बाद की सुरक्षा व्यवस्था, तनाव घटाने, मानवीय प्रयासों और शांति समझौते की दिशा में कदमों पर चर्चा होगी। इस पर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को कई प्रस्ताव मिले हैं और अलग-अलग स्तर पर बातचीत चल रही है, जिनमें से कुछ उपयोगी और अहम हैं। जेलेंस्की ने कहा कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता हर स्वतंत्र देश के लिए बुनियादी सिद्धांत हैं।

रूस के ताजा हमले

वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के ताजा हमलों का ब्योरा भी दिया। उनके मुताबिक रूस ने 289 अटैक ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं। हमलों का मुख्य निशाना बिजली उत्पादन केंद्र और सबस्टेशन जैसे ऊर्जा ढांचे थे। उन्होंने कहा कि रूसी हमले के चलते ओडेसा, चर्कासी, झितोमिर, विन्नित्सिया, खार्किव, नीप्रो, चेर्नीवत्सी, चेर्निहीव और रिव्ने जैसे इलाके प्रभावित हुए, जहां आपातकालीन बिजली कटौती की गई।

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7 Nov 2026, 9:15 AM IST
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