प्रदर्शनकारी बिजली की बढ़ती दरों, गेहूं पर सब्सिडी में कटौती, भारी टैक्स और स्थानीय नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा का विरोध कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह आंदोलन कई महीनों से चल रहा है। अनुमान है कि इस इलाके में जारी अशांति के दौरान मरने वालों की कुल संख्या 200 से अधिक हो सकती है।