
ईरान (Iran) के खिलाफ युद्ध की वजह से अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने देश में ही घिर चुके हैं। ट्रंप के कई पुराने समर्थक अब उनके खिलाफ हो गए हैं। इनमें राजनीतिक विश्लेषक टकर कार्लसन (Tucker Carlson) भी शामिल हैं। एक समय ऐसा था जब ट्रंप और कार्लसन अच्छे दोस्त थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ईरान के खिलाफ युद्ध की कार्लसन ने जमकर आलोचना की है और इसे ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' और 'कोई नए युद्ध नहीं' नीतियों के खिलाफ बताया। कार्लसन अक्सर ही ट्रंप पर निशाना साधते रहते हैं और अब एक बार फिर ऐसा ही देखने को मिला है।
एक पॉडकास्ट के दौरान कार्लसन ने राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर जॉन मियर्सहाइमर (John Mearsheimer) से बात करते हुए ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, "आपने मार्क लेविन को देखा, जो एक ज़ायोनिस्ट्स हैं और लंबे समय से ट्रंप के विरोधी रहे हैं, लेकिन फिर उनके साथी बन जाते हैं और अब ट्रंप का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वह इज़रायल का समर्थन करने से हिचकिचा रहे हैं। जैसे ही ट्रंप ने नेतन्याहू की आलोचना करनी शुरू की, लेविन ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। क्या ट्रंप सच में नेतन्याहू का मुकाबला कर सकते हैं और जब अमेरिका में ट्रंप के पास राजनीतिक समर्थन के नाम पर सिर्फ ज़ायोनिस्ट्स का ही समर्थन बचा है जो अभी भी ट्रंप के साथ हैं?"
मियर्सहाइमर ने जब कार्लसन से पूछा कि इसका विकल्प क्या है, तो कार्लसन ने कहा, "जब यह सबकुछ बहुत पागलपन भरी स्थिति में पहूंच जाता है तो अचानक ही आपको पता चलता है युद्ध ने घर पर भी दस्तक दे दी है। हमारी धरती पर भी हमले हुए हैं। तब अचानक ही आपको 9/11 के बारे में पोस्ट करना पड़ता है जिससे पूरा देश ईरान के खिलाफ हो जाए।"
मियर्सहाइमर ने कार्लसन से कहा, "अगर कुछ ऐसी घटना हो जाती है जिसके बाद अमेरिका, ईरान को तबाह कर देता है, तो ऐसा कैसे होगा? बिना ग्राउंड ऑपरेशन के ऐसा नहीं हो सकता, लेकिन ग्राउंड ऑपरेशन किया भी नहीं जा सकता।"