
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई (फोटो - एएनआई)
Strait of Hormuz: होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान और ओमान के बीच नए समुद्री कॉरिडोर पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कोई मतभेद नहीं है। बातचीत का उद्देश्य मौजूदा हालात में जहाजों के लिए एक अस्थायी सुरक्षित मार्ग तैयार करना है।
बाघेई ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रस्तावित योजना के तहत ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले दक्षिणी मार्ग और ईरान के क्षेत्रीय जल वाले उत्तरी मार्ग को मिलाकर एक साझा मध्यवर्ती कॉरिडोर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चर्चा दो या तीन अलग-अलग रास्तों पर नहीं बल्कि आने-जाने के लिए एक साझा मार्ग तैयार करने पर केंद्रित है। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक स्थायी समाधान नहीं निकल जाता।
ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट की मौजूदा स्थिति के लिए ईरान और ओमान के बीच कोई विवाद जिम्मेदार नहीं है। उनके अनुसार, क्षेत्र में तनाव की मुख्य वजह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई है। बाघेई ने कहा कि जब तक वॉशिंगटन अपनी दुर्भावनापूर्ण नीतियां जारी रखेगा तब तक होर्मुज स्ट्रेट की मौजूदा स्थिति में बदलाव नहीं होगा।
इससे पहले रविवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी कहा था कि ओमान के साथ सुरक्षित समुद्री कॉरिडोर को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्माइल बाघेई ने हाल में एक ईरानी जहाज पर हुए हमले के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस मामले में ईरान सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया था कि यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में एक रूसी युद्धपोत और उन जहाजों को निशाना बनाया था जिनका इस्तेमाल ईरान से जुड़े सैन्य सामान की ढुलाई के लिए किया जा रहा था।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत सोमवार से शुरू होगी। उनका दावा है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने अमेरिका से संभावित सैन्य कार्रवाई टालने का अनुरोध किया है, क्योंकि समझौते की संभावना बनी हुई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि पहले होर्मुज स्ट्रेट को लेकर समझौता हो सकता है और उसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी बातचीत आगे बढ़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने भी प्रस्तावित अमेरिकी हमलों को रोकने के लिए बातचीत का रास्ता चुना है।
Updated on:
03 Aug 2026 08:39 pm
Published on:
03 Aug 2026 08:39 pm
