
Akshaya Tritiya 2025 Date And Time In Hindi : ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन बिना मुहूर्त विचार के कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है।
इस दिन सोने-चांदी से बने आभूषण की खरीदारी और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करने का विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोने-चांदी की चीजों की खरीदारी से व्यक्ति के जीवन में खुशियां और धन संपदा हमेशा बनी रहती है। (Akshaya Tritiya 29 or 30 April 2025)
ज्योतिषी नीतिका शर्मा के अनुसार अक्षय तृतीया को आखा तीज भी कहा जाता है। अक्षय तृतीया का पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
वैसे तो इस दिन बिना मुहूर्त निकाले शुभ कार्य, विवाह करना, सोना-चांदी खरीदना, नए कार्य किए जाते हैं। इस दिन किए गए व्रत-उपवास और दान-पुण्य से अक्षय पुण्य मिलता है। अक्षय पुण्य यानी ऐसा पुण्य जिसका कभी क्षय (नष्ट) नहीं होता है।
अक्षय तृतीया पर जल का दान जरूर करना चाहिए। साल में चार अबूझ मुहूर्त आते हैं। इन मुहूर्त में विवाह आदि सभी मांगलिक कार्य बिना शुभ मुहूर्त देखे किए जा सकते हैं।
ये चार अबूझ मुहूर्त हैं - अक्षय तृतीया, देवउठनी एकादशी, वसंत पंचमी और भड़ली नवमी। ये चारों तिथियां किसी भी शुभ काम की शुरुआत करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई हैं।
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हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसलिए इसे परशुराम तीज भी कहते हैं। इसी दिन भगवान विष्णु ने नर और नारायण के रूप में अवतार लिया था। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा है।
अक्षय तृतीया पर सभी तरह के मांगलिक और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी करना बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि इस दिन सोने चांदी की खरीदारी पर अक्षय फल मिलता है।
तृतीया तिथि आरंभ: 29 अप्रैल शाम 05: 31 बजे
तृतीया तिथि समाप्त: 30 अप्रैल दोपहर 02:31 बजे
उदया तिथि के अनुसार अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी।
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अक्षय तृतीया सोने की खरीदारी का मुहूर्तः बुधवार, 30 अप्रैल 2025 को
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समयः सुबह 04:46 बजे से दोपहर 02:12 बजे तक
अवधिः 09 घंटे 25 मिनट
शोभन योगः 30 अप्रैल को दोपहर 12.02 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योगः पूरे दिन