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पाकिस्तानी प्रेमिका के लिए बांग्लादेश से भारत में घुसा, 2000 कि.मी. पैदल चला, अमृतसर में पकड़ा गया

बांग्लादेशी अब्दुल्ला ने साबित किया, प्यार किया तो डरना क्या..पाकिस्तानी लड़की के प्यार में कर रहा था वाघा सरहद पार

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अमृतसर। अप्यार में लोग क्या-क्या कर जाते हैं, यह वह खुद नहीं जानते। प्यार किसी सरहद को नहीं मानता। ऐसा ही एक अनोखा किस्सा सामने आया। जिसे सब लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का आदमी समझ रहे थे, आखिर वह एक आशिक निकला। अपना प्यार पाने के लिए बांग्लादेश से चलकर लाहौर के लिए पैदल ही चल पड़ा। आखिर में अमृतसर में वाघा सरहद पर पकड़ा गया। पूछताछ हुई तो पता चला कि यह तो आशिक है। प्यार का मारा है। प्यार को पाने के लिए 2000 किलोमीटर पैदल ही घर से आ गया है। कोरोना काल में यह एक अनोखा प्रेमी प्यार करने वालों के लिए मिसाल है।

सच्चाई जानकर बीएसएफ भी दंग

अमृतसर वाघा सीमा पर पकड़ा गया लड़का पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश का रहने वाला है। वह अपने प्यार के लिए करीब 2000 किलोमीटर दूर अमृतसर आ पहुंचा। उसे अभी अपने प्यार से मिलने के लिए सरहद पार कर लाहौर जाना था। बीएसएफ की पूछताछ में लड़के ने बताया - कोलकाता से वह भारतीय सीमा तो लांघ आया लेकिन शायद यहां किस्मत ने साथ नहीं दिया और अटारी बॉर्डर पर फंस गया। पाकिस्तान जाने की कोशिश करते समय बीएसएफ ने उसे धर-दबोचा। पूछताछ हुई पूछताछ में युवक की पहचान नयन मियां उर्फ अब्दुल्ला निवासी शरीयतपुर, बांग्लादेश के रूप में हुई है। जब अब्दुल्ला ने सच्चाई बताई तो बीएसएफ वाले भी दंग रह गए और पुलिस वाले चुटकियां लेने लगे।

फेसबुक पर हुई दोस्ती

अब्दुल्ला ने पुलिस को बताया कि, 'लाहौर की रूबीना से दोस्ती फेसबुक पर हुई थी। दोस्ती प्यार में बदली दोनों रात-भर बातें करते थे। धीरे-धीरे बात निकाह तक पहंच गई तो रुबीना ने उसे पाकिस्तान बुला लिया। घर से पाकिस्तान की दूरी बहुत ज्यादा है। इस कारण मिलना कठिन हो गया। कोरोना के चलते जब लॉकडाउन लगा तो हर तरफ से रास्ते बंद हो गए। रूबीना ने वादा किया था हमारे मुल्क में आ जाए तो निकाह कर लेंगे।'

पैदल सफर किया

अब्दुल्ला ने कहा, 'समझ नहीं आ रहा था कैसे जाऊं। फिर किसी तरह अपने मुल्क की सीमा लांघकर भारतीय सीमा में दाखिल हुआ। यहां से लॉकडाउन के बीच कोलकाता आया। फिर पैदल ही दिल्ली पहुंचा। यहां से फिर पैदल अमृतसर आ गया। रुबीना से मिलने की आस में रात-दिन भूखा-प्यासा पैदल सफर करता रहा। किस्मत अच्छी थी कि किसी ने रास्ते में पकड़ा नहीं। कहीं कुछ मिलता तो खा लेता। लोगों ने भी बीच रास्ते में मदद की और खाने का सामान उपलब्ध कराया। अमृतसर पहुंचा तो उम्मीद जगी कि अब लाहौर जाकर अपनी रुबीना से मिल लूंगा। लेकिन यहां चारों तरफ जवान थे। फेंसिंग के चलते रास्ता नहीं मिल पा रहा था और पकड़ा गया।'

सोमवार को पकड़ा था

पुलिस ने बताया कि युवक सोमवार दोपहर को काहन गढ़ पुलिस चौकी के अधीन आते भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर घूम रहा था। जब बीएसएफ वालों ने इसे पकड़ा वह सरहद पार जाने की फिराक में था, लेकिन फेंसिंग के चलते उसका दांव नहीं लगा। इसी दौरान बीएसएफ के जवानों ने उसे देख लिया और काबू कर लिया। इसके बाद उसे काहनगढ़ की पुलिस के हवाले कर दिया गया। उसके पास से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।