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खेत में पराली में आग लगने पर सरकारी कर्मचारी होंगे जिम्मेवार: उपायुक्त

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खेत में पराली में आग लगने पर सरकारी कर्मचारी होंगे जिम्मेवार: उपायुक्त

खेत में पराली में आग लगने पर सरकारी कर्मचारी होंगे जिम्मेवार: उपायुक्त


अमृतसर. पंजाब में अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट अमित तलवार ने गुरुवार को सभी विभागों के
प्रमुखों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि आने वाले धान के सीजन के दौरान यदि पंजाब सरकार, बोर्ड , निगम , स्वायत्त निकाय में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के खेतों में पराली को आग लगती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार
उचित कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने अपनी जमीन ठेके पर दी है तो भी उसकी जिम्मेदारी होगी कि काश्तकार पराली को आग न लगाएं। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के प्रमुखों को अपने सभी कर्मचारियों को उक्त निर्देश के बारे में नोट भेजने का निर्देश दिया है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नयी दिल्ली के आदेशों के अनुसार, श्री तलवार ने किसानों को धान की कटाई के बाद बचे अवशेषों को न जलाने के लिए जागरुक करने के लिए जिला प्रशासनिक परिसर से प्रचार वैन को रवाना किया। ये प्रचार वैन सबसे पहले जंडियाला गुरु, तरसिक्का, वेरका, मजीठा, राया और अटारी के धान की कटाई से पहले वाले ब्लॉकों में चलाई जाएंगी और उसके बाद अमृतसर जिले के प्रत्येक गांव में जाएंगी।
अतिरिक्त उपायुक्त अमृतसर (समान्य) हरप्रीत सिंह ने कहा कि वर्ष 2023-24 के दौरान पराली प्रबंधन के लिए 828 नयी कृषि मशीनें सब्सिडी पर खरीदने के लिए किसानों, ग्राम पंचायतों और सहकारी समितियों को मंजूरी पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश है कि यदि कोई किसान धान की पराली में आग लगाता है, तो प्रशासन उस पर दो एकड़ के लिए 2500 रुपये, 2-5 एकड़ के लिए 5000 रुपये और इससे अधिक के लिए 5000 रुपये का जुर्माना लगाएगा। पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में 15000 रुपये की वसूली की जायेगी।