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स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने आ रहे श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

नियमों का पालन कराने के लिए एसजीपीसी ने बनाया सिस्टम, मेडिकल टीम भी है तैनात

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golden temple

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अमृतसर। देश के सभी धार्मिक स्थल खुल गए हैं। इसके साथ ही पंजाब के सभी धार्मिक स्थल खोल दिए गए। श्री हरमंदिर साहब लॉकडाउन के दौरान भी प्रायः बंद नहीं था। जैसे ही केंद्र सरकार द्वारा सभी धार्मिक स्थल खोलने के आदेश दिए गए, वैसे ही दरबार साहब में श्रद्धालुओं का अधिक संख्या में आना शुरू हो गया है। श्री हरमंदिर साहिब में लॉकडाउन नियमों का सख्ती के साथ पालन कराया जा रहा है। मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। हाथों को सेनिटाइज करने के बाद ही संगत को अंदर जाने दिया जा रहा है।

मुख्य प्रवेश द्वार पर विसंक्रमण टनल

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाने के लिए घंटा घर चौक के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर एक डिसइनफेक्टेंट टनल की स्थापना की है। केंद्र के निर्देश के बाद लगभग 80 दिनों के बाद खुल रहे धार्मिक अस्थलों में प्रवेश करने व माथा टेकने के सभी नियमों का पालन सचखंड में सुनिश्चित किया गया है। श्रद्धालुओं के तापमान की जांच के लिए सेहत विभाग की टीम तैनात है।

क्या कहते हैं श्रद्धालु

सचखंड में नतमस्तक होने के लिए आए गुरदर्शन सिंह ने कहा कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए एसजीपीसी ने बढ़िया इंतजाम किए हैं। पहले उसका तापमान जांचा गया। बाद में हाथों को सैनिटाइज किया गया। मेडिकल टीम के सदस्य अजय पाल सिंह ने बताया कि जब से कोरोना फैला, वह सचखंड के बाहर तैनात मेडिकल टीम में शामिल हैं। हर श्रद्धालु की जांच करने के बाद ही उसे माथा टेकने के लिए भीतर भेजा जा रहा है।

15 जून को होगी समीक्षा

पंजाब सरकार द्वारा एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। सभी धार्मिक स्थल सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक खुलेंगे। धार्मिक स्थलों में एक समय में 20 लोगों से ज्यादा के एकत्र होने पर मनाही है। सोशल डिस्टेंसिंग को सख्ती से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रसाद और लंगर आदि परोसे जाने पर रोक रहेगी। धार्मिक स्थलों में अंदर जाने के लिए लोगों को जूते-चप्पल अपने वाहन में ही छोड़ना होगा। चेहरे पर मास्क या शील्ड लगाना अनिवार्य होगा। भीड़ को नियंत्रित करना होगा। इसके अलावा सामुदायिक किचन, लंगर, अन्नदान या किसी भी तरह के भंडारे में सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। धार्मिक स्थानों पर हाथ में प्रसाद या जल देने पर रोक रहेगी। साथ ही किसी तरह के बडे़ जुटाव पर रोक रहेगी। भजन-कीर्तन या गीत-संगीत वाले सामूहिक कार्यक्रम नहीं होंगे। सिर्फ रिकॉर्डेड संगीत बजाए जा सकते हैं। श्रद्धालुओं के लिए कॉमन चटाई नहीं होनी चाहिए। उन्हें अपने साथ चटाई लेकर आनी होगी, जिस पर वे प्रार्थना कर सकेंगे। मूर्तियों, प्रतिमाओं और पवित्र किताबों को छूने की मनाही है। पूरे परिसर को बार-बार सैनिटाइज किया जाएगा। राज्य सरकार इन रियायतों की 15 जून को समीक्षा करेगी, जिसके बाद नियमों में कुछ और ढील दी जा सकती है।