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मेडिकल कॉलेजों की फीस वृद्धि वाजिबः ओम प्रकाश सोनी

अकाली-भाजपा सरकार ने 2010 में फीस में 98 प्रतिशत, 2015 में 225 प्रतिशत वृद्धि की थी, हमारी सरकार ने सिर्फ 77 प्रतिशत वृद्धि की है

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om prakash soni

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अमृतसर। पंजाब सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों की फीस में वाजिब वृद्धि की है। यह कहना है पंजाब के चिकित्सा शिक्षा एंव अनुसंधान मंत्री ओम प्रकाश सोनी का। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने पहले 2010 और 2015 में मेडिकल कॉलेज की फीस में संशोधन किया था जोकि अब की गई वृद्धि से बहुत अधिक था। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि संबंधी विपक्ष द्वारा सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए बयानबाजी की जा रही है।

हमने सिर्फ 77 फीसदी वृद्धि की

उन्होंने कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान 2010 में फीस में 98 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। 2015 में 225 प्रतिशत वृद्धि की गई थी, जबकि मौजूदा सरकार ने सिर्फ 77 प्रतिशत वृद्धि की है। उल्लेखनीय हि आम आदमी पार्टी ने मेडिकल कॉलेज में फीस वृद्धि के खिलाफ बुधवार को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया था। अमृतसर में मंत्री का आवास घेरा था। पटियाला में भी विरोध किया गया था।
सरकार हर डॉक्टर पर खर्च करती है 13-14 लाख रुपये

उन्होंने कहा कि फीस में की गई वृद्धि अति आवश्यक थी और इस सम्बन्धी पंजाब सरकार द्वारा डॉक्टर के.के. तलवार के नेतृत्व वाली चिकित्सा शिक्षा सम्बन्धी गठित सलाहकार समिति द्वारा पूरी जाँच पड़ताल के बाद ही पंजाब सरकार को यह फीस वृद्धि सम्बन्धी सिफारश की गई थी। इसके अलावा सरकार के भी ध्यान में आया था कि बढ़ी हुई महँगाई के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज पर वित्तीय बोझ दिनों-दिन बढ़ रहा था। उन्होंने कहा एक डॉक्टर को तैयार करने पर राज्य सरकार का कम-से-कम 13 -14 लाख रुपए सालाना खर्च हो जाता है। उन्होंने कहा कि निजी कॉलेजों में एम.बी.बी.एस. के पूरे पाठ्यक्रम की फीस सरकारी मेडिकल कॉलेज के मुकाबले कई गुणा अधिक है और सरकार ने इन प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीस में समानता लाने के लिए कई प्रयास किये हैं।
साढ़े चार साल की फीस लगेगी

श्री सोनी ने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में बढिय़ा फीस अदा कर विद्यार्थी 1.50 लाख रुपए सालाना फीस देकर कुल 7.80 लाख रुपए में साढ़े चार साल का पाठ्यक्रम मुकम्मल कर लेंगे। उन्होंने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि निजी मैडीकल कॉलेजों में पढऩे वाले विद्यार्थियों से पहले एम.बी.बी.एस. के पूरे पाठ्यक्रम की फीस पाँच साल की ली जाती थी जिसको हमारी सरकार ने ठीक करते हुए मेडिकल कॉलेज को पाबंद किया कि वह सिर्फ साढ़े चार साल की ही फीस लें।
तीन मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा हासिल करने को यकीनी बनाने के लिए एस.सी. स्कॉलरशिप स्कीम चलाई जा रही है जिससे गरीब विद्यार्थी भविष्य में डॉक्टर बनने का अपना सपना साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राज्य में तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं और 2 सालों में तीन और नये मेडिकल कॉलेज मोहाली, होशियारपुर और कपूरथला में शुरू हो जाएंगे। बढ़ी हुई फीस नये सैशन से लागू होगी और पहले से ही चिकित्सा शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों पर इस फीस वृद्धि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।