20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पद्मश्री निर्मल सिंह का श्मशान घाटों पर नहीं होने दिया अंतिम संस्कार, भारी विरोध

किसी ने कहा है- आज कल इंसान की कोई कदर नहीं, मौत भी आ जाये तो उस पर रोने वाला कोई नहीं..। कुछ ऐसा ही हुआ है श्री हरिमंदिर साहिब Harmandir sahib के पूर्व हजूरी रागी Hazoori ragi पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा Nirmal singh Khalsa के साथ।

2 min read
Google source verification
Nirmal singh

पद्मश्री निर्मल सिंह का श्मशान घाटों पर नहीं होने दिया अंतिम संस्कार, भारी विरोध

अमृतसर। किसी ने कहा है- आज कल इंसान की कोई कदर नहीं, मौत भी आ जाये तो उस पर रोने वाला कोई नहीं..। कुछ ऐसा ही हुआ है श्री हरिमंदिर साहिब Harmandir sahib के पूर्व हजूरी रागी Hazoori ragi पद्मश्री निर्मल सिंह खालसा Nirmal singh Khalsa के साथ। जब तक जीवित थे, लोग उनके चरणों में रहते थे। गुरु नानकदेव अस्पताल Guru nanakdev hospital में कोरोनावायरस Coronavirus से निधन हुआ तो उन्हीं लोगों ने श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार Funeral तक नहीं होने दिया। उनके शव Dead body को लेकर प्रशासन चार घंटे तक भटकता रहा। अंततः एक समाजसेवी ने अपनी जमीन उपलब्ध कराई, तब जाकर अंतिम संस्कार हुआ।

दो श्मशान घाटों पर विरोध

कांग्रेसी पार्षद परमजीत कौर के पति हरपाल सिंह व उनके समर्थकों ने जिला प्रशासन को वेरका के श्मशान घाट पर निर्मल सिंह खालसा का अंतिम संस्कार किए जाने का डटकर विरोध किया। पद्मश्री भाई निर्मल सिंह खालसा का अंतिम संस्कार करने को दो गज जमीन ढूंढने के लिए जिला प्रशासन को चार घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शहीदां साहिब श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार करने की योजना बनी, लेकिन वहां भी लोगों ने विरोध किया। एसडीएम विकास हीरा, एडीसीपी हरपाल सिंह रंधावा प्रशासनिक टीम के साथ वेरका स्थित श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन यहां भी लोगों ने विरोध दर्ज करवाया।

यहां दी गई अंतम विदाई

इसके बाद एसडीएम टीम के साथ गांव फतेहगढ़ शुक्रचक्क पहुंचे। समाजसेवी ने जिला प्रशासन को भाई निर्मल सिंह खालसा का अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी जमीन देने की पेशकश की थी। लोगों ने कहा कि इस स्थान पर हजूरी रागी के नाम की यादगार बनाई जाए। प्रशासन ने उनकी मांग को स्वीकार कर अंतिम संस्कार करवा दिया।

14 लोग एकांतवास में रखे गए

कोरोना वायरस के कारण जान गंवा चुके रागी निर्मल सिंह खालसा के संपर्क में बठिंडा के 14 लोग आए थे। सभी गांव चक्क बख्तू के रहने वाले हैं और इनमें सात महिलाएं और सात पुरुष शामिल हैं। गुरुवार से चौदह लोगों को 28 व 14 दिन के लिए घरों में क्वारंटीन किया गया है। सिविल अस्पताल भुच्चो मंडी की डॉ. मनिंदरजीत कौर ने बताया कि विभाग ने जानकारी दी थी कि गांव चक्क बख्तू के कुछ लोग कोरोना वायरस की चपेट में आकर जान गंवाने वाले निर्मल सिंह के संपर्क में आए थे।

चंडीगढ़ में किया था कीर्तन

गांव के एक युवक की शादी कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में हुई थी, जहां रागी निर्मल सिंह ने कीर्तन किया था। जिस परिवार के लड़के की शादी थी, उस परिवार के नौ सदस्यों को पड़ोस के दो घरों में 28 दिन के क्वारंटीन किया गया। बाकी पांच लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। इन लोगों में सात महिलाएं शामिल हैं। 14 दिन के लिए क्वारंटीन किए गए वो लोग हैं जो 28 दिन के लिए क्वारंटीन किए गए 9 लोगों के संपर्क में आए थे। डॉ. ने बताया कि उक्त क्वारंटीन किए गए लोगों में से किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण न पाए जाने कारण उन्होंने सैंपल नहीं लिए। उनके पास सैंपल लेने के लिए विभाग के आदेश थे।