
BJP akali dal
चंडीगढ़। पंजाब मंडी बोर्ड के निदेशक और अखिल भारतीय जट्ट महासभा के राष्ट्रीय प्रतिनिधि राजिन्दर सिंह बढ़हेडी ने भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल गठबंधन टूटने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- भाजपा और बादल दल ने 23 साल 10 महीने 26 दिन तक सिखों को बनाया है। अब पंजाबी विशेष रूप से सिख समुदाय को अलग-अलग प्लेटफार्म से अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत हितों के लिए दोनों दलों बादल दल और भाजपा को मूर्ख बनाने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। दूरदर्शिता का उपयोग करने की जरूरत है। बढ़हेडी को भावुक सिख नेता के तौर पर जाना जाता है।
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1 दिसंबर 1996 को लुधियाना में हुआ था गठबंधन
राजिंदर सिंह बढ़हेडी ने एक बयान में कहा- गठबंधन का गठन 1 दिसंबर 1996 को लुधियाना में एक बड़ी संयुक्त राजनीतिक रैली में किया गया था। दोनों पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य थे। दोनों ने बिना शर्त समर्थन की वकालत की थी। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल ने दोनों नेताओं की अवज्ञा की।
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सिखों को नीचा दिखाया
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के गठन के बाद, बादल परिवार ने शिरोमणि अकाली दल को अपनी पारिवारिक कंपनी के रूप में चलाना शुरू कर दिया। मार्च 2017 तक पंजाब में इस गठबंधन की तीन सरकारें थीं लेकिन दोनों ही स्वार्थी दलों बादल दल और भाजपा ने जनसंघ की नीतियों का पालन किया और सिखों को नीचा दिखाया और पंजाबियों को गुलामों की तरह मानना शुरू कर दिया।
कांग्रेस दोनों दलों से बेहतर
बढ़हेडी ने कहा कि यह सोचने की जरूरत है कि जो दल लंबे समय से पंजाबियों के वोटों के बावजूद पंजाब और केंद्र की सत्ता में नहीं आ पाए हैं, उन्हें और आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस इन दोनों दलों से कई गुना बेहतर साबित हुई है जो किसानों के हितों के लिए मजबूती से खड़े हुए हैं।
Published on:
27 Sept 2020 06:06 pm
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