24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राहुल बनें कांग्रेस अध्यक्ष,पंजाब कांग्रेस ने पारित किया प्रस्ताव

राहुल बनें कांग्रेस अध्यक्ष,पंजाब कांग्रेस ने पारित किया प्रस्ताव चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज सर्वसम्मति प्रस्ताव पारित करते हुए राहुल

2 min read
Google source verification
rahul gandhi

चंडीगढ़। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज सर्वसम्मति प्रस्ताव पारित करते हुए राहुल गांधी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी जाए। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर कांग्रेस के सभी नेताओं,मंत्रियों तथा विधायकों ने हाथ खड़े करके समर्थन करने का ऐलान किया। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस भी राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के संबंध में प्रस्ताव पारित कर चुकी है।


आज यहां कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़, पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भ_ल, राज्यसभा सांसद प्रताप बाजवा के अलावा पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी, संगनात्मक चुनाव की प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा के अलावा प्रदेश के सभी कांग्रेस विधायकों, सांसदों,पूर्व विधायकों ने भाग लिया।


बैठक की कार्यवाही शुरू होते ही पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया। जिसका सभी कांग्रेसियों ने ध्वनिमत से समर्थन करते हुए सोनिया गांधी से आग्रह किया कि अब सही समय आ चुका है जब राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान सौंपी जाए।

इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय है कि वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए। अमरिंदर ने कहा कि आज पारित किए गए प्रस्ताव को जल्द हाईकमान को भेज दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले माह राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान मिल सकती है।

पूर्व सीएम हुड्डा का दावा,हरियाणा में इवेंट मैनेजमेंट की सरकार

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश की भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा है कि तीन वर्षों में यह सरकार इवेंट मैनेजमेंट सरकार बनकर रह गई है। कभी गुरुग्राम में हैपङ्क्षनग हरियाणा करते हैं, कभी गोल्डन जुबली समारोह तो कभी गीता व सरस्वती के नाम पर लोगों का ध्यान अपनी विफलताओं से हटाने की कोशिश की जाती है।