
ब्यावरा । Biaora
कंस्ट्रक्शन के दौरान मजदूरी का काम करने वाला एक व्यक्ति मध्यप्रदेश में ठेकेदार से विभिन्न लोगों की होने वाली बातें सुनने के पश्चात नेता-व्यापारियों को ब्लैकमेल करने की साजिश में जुट जाता था। फिर उसी हिसाब से उन्हें मनचाहे लेटर लिखता था। इसमें जहां वह किसी में लिखता था आपके गोडाउन में गांजा बिकता है, किसी को लिखता था आपका कॉलोनी में 10 प्रतिशत का शेयर है, तो वहीं किसी को जमीन खरीद फरोख्त में शामिल बताता था।
यह व्यक्ति कांग्रेस नेता को भी दो बार लेटर डालकर 10 लाख रुपए की फिरौती मांग चुका था। धमकियां देने वाले इस आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। खास बात ये है कि आरोपी को ढूंढने में भी राजगढ़ पुलिस का ऑपरेशन आई मददगार बना। पुलिस के अनुसार आरोपी जो लोग आपस में बातें करते थे उन्हें सुनकर संबंधित व्यापारी और नेताओं को ब्लेकमैल करने धमकी भरे पत्र लिखा करता था।
थाना प्रभारी राजपालसिंह राठौर ने बताया कि दीपक पिता हरिसिंह लोधी निवासी ग्राम पीपलिया थाना चांचौड़ा हाल निवास शिवधाम कॉलोनी, ब्यावरा को गिरफ्तार किया है। कांग्रेस नेता चंदरसिंह सौंधिया की रिपोर्ट पर 17 मई को धारा-386 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
सौंधिया से 10 लाख रुपए की मांग की गई थी, बताई गई जगह रुपए नहीं भेजने पर एक्सीडेंट कर मरवाने तक की धमकी दी गई थी। पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी खंगाले। जिसमें एक व्यक्ति चेहरे पर कपड़ा बांधकर संदिग्ध स्थितियों में घूमता मिला। उसे तलाशा तो रूट के आधार पर आखिरकार उसकी पहचान हो गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नेताओं, व्यापारियों के बारे में बातें करते हुए सुन लेता था, फिर ऐसी शातिर प्लॉनिंग करता था।
बताया जाता है कि आरोपी ने व्यवसायी संपत मोदानी के यहां 8-10 दिन काम करने के दौरान किसी से बात करते हुए इन नेताओं के बारे में सुना था। 2021 में भी महेश अग्रवाल को फिरौती के लिए इसी ने मोबाइल से मैसेज किए थे। मनीष अग्रवाल को भी रुपयों के लिए लेटर लिखा था, तब पुलिस ने इसे इसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
मामला सामने आने पर छिप गया था आरोपी
पुलिस ने बताया कि जैसे ही इस मामले की शिकायत हुई और मामला सोशल मीडिया और मीडिया में आया तो आरोपी छिप गया। उसका मूमेंट लगभग बंद हो गया। वह अंडरग्राउंड हो गया था। आरोपी राजगढ़ और मप्र को ही छोड़कर भागने की फिराक में था।
पुलिस ने आरोपी को उसी के गांव गांव पीपल्या कलां से गिरफ्तार किया गया। उसने बताया कि इसी प्रकार के लेटर उसने लक्ष्मीनारायण यादव, संपत मोदानी, पूर्व विधायक गोवर्धन दांगी के पुत्र विश्वनाथ दांगी को भी डाले थे। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद विधायक रामचंद्र दांगी और स्थानीय नागरिकों ने टीम में सक्रिय रहे थाना प्रभारी राजपालसिंह राठौर, मोहरसिंह मंडेलिया, काशीराम मीणा सहित अन्य को सम्मानित किया।
Published on:
23 May 2022 10:57 am
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