
gender reassignment surgery (Photo Source - Patrika)
MP News: सोशल मीडिया से उपजी एक दोस्ती ने समाज की रूढ़ियों को पीछे छोड़ दिया। यह किस्सा है मुंगावली तहसील के ग्राम बरखेड़ा की 25 वर्षीय नैनसी और असम की अनीता रेजवार का, जिन्होंने साथ रहने के लिए किसी भी हद तक जाने का फैसला कर लिया। बचपन से ही लड़कों की तरह रहने की शौकीन नैंसी की मुलाकात सोशल मीडिया के एक ग्रुप के जरिए अनीता से हुई। धीरे-धीरे यह दोस्ती अटूट प्रेम में बदल गई।
नैंसी अपनी सखी से मिलने असम जा पहुंची, जहां चार दिन साथ बिताने के बाद उन्होंने अपने प्यार का इजहार किया। हालांकि, शुरुआत में दोनों के लड़की होने के कारण अनीता ने इनकार किया, लेकिन फिर एक-दूसरे का साथ निभाने के लिए उन्होंने जेंडर चेंज (लिंग परिवर्तन) का मार्ग चुना।
मैंने केवल अपनी बड़ी बहन को बताया। उन्होंने विरोध किया। हम दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते। कागजात तैयार कर रहे हैं। जल्दी कोर्ट मैरिज करेंगे।
परिवार वालों को जब जानकारी मिली तो वह बहुत नाराज हुए, पर बड़ी बहन नीतू ने मेरा साथ दिया। सर्जरी में भी साथ दिया। परिजन अब मान गए हैं। हम लोग शादी भी कर रहे हैं।
जेंडर चेंज सर्जरी के लिए 6 लाख रुपए की आवश्यकता थी। मैंनसी साधारण परिवार से आती हैं। एमए शिक्षित नैंसी ने इंदौर के एक बैंक में नौकरी की, वहीं अनीता ने भी पैसे जुटाने में पूरा सहयोग दिया। चार साल तक उन्होंने राशि एकत्रित की। अंततः दिल्ली में सफल सर्जरी के जरिए नैंसी ने अपना जेंडर चेंज कराया और वे अब नमन सूर्यवंशी बन चुके हैं। बड़ी बहन नीतू ने बताया, यह सब सुनकर माता पिता बहुत नाराज हुए, लेकिन समझाने पर मान गए हैं।
Published on:
15 Jan 2026 05:09 pm
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