
स्वीट सुपारी के हैं शौकीन तो सावधान! (Photo Source- Patrika)
MP News : अगर आप भी माउथ फ्रेशनर के तौर पर 'यूमी' स्वीट सुपारी का सेवन करने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि, खाद्य सुरक्षा प्रशासन अशोकनगर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस सुपारी के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के लिए कमर कस ली है। विभाग ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को पत्र लिखकर इस उत्पाद को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी लीना नायक ने जिले के पिपरई तकिया मोहल्ला स्थित आशिक किराना दुकान से यूमी का सेंपल लेकर चौकसी लेबोरेटरीज इंदौर भेजा, जहां जांच में ये मानक स्तर का बताया। जांच रिपोर्ट में संदेह होने पर जब सेंपल निर्दिष्ट प्रयोगशाला मैसूर भेजा गया तो वहां स्वीट सुपारी यूमी का सेंपल असुरक्षित होना पाया गया। इसके बाद 22 जनवरी 2025 को शाढ़ौरा के जगदीश किराना भंडार से यूमी का सेंपल लेकर मैसूर भेजा तो यह भी असुरक्षित पाया गया। बार-बार जांच में असुरक्षित पाए जाने पर अब खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
जांच में स्वीट सुपारी बार-बार असुरक्षित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इसे प्रतिबंधित कराने की तैयारी कर ली है। निर्माता फर्म एल.आर फ्रेगरेंस राजस्थान के कोटा की है। इससे खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 34 के अंतर्गत इसके निर्माण और विक्रय पर प्रतिबंध लगाने राजस्थान के आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रशासन को पत्र लिखा है। साथ ही मप्र आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग को भी प्रदेश में इसे प्रतिबंधित करने केंद्रीय लैब की जांच रिपोर्टों के साथ पत्र लिखा गया है, ताकि यह स्वीट सुपारी लोगों की सेहत को नुकसान न पहुंचा सके।
-अत्यधिक सैकरीन: स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें सैकरीन सोडियम की मात्रा निर्धारित सीमा से कहीं ज्यादा पाई गई।
-परमिटेड कलर: स्वीट सुपारी व माउथ फ्रेशनर में परमिटेड व नॉन परमिटेड कलर प्रतिबंधित हैं, परमिटेड कलर पाया गया।
-असुरक्षित मानक: मैसूर केंदीय लैब ने जांच में स्वीट सुपारी यूमी को असुरक्षित और मिथ्याछाप घोषित किया है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी लीना नायक का कहना है कि, स्वीट सुपारी यूमी में परमिटेड कलर के साथ-साथ मिठास के लिए सैकरीन सोडियम लिमिट से ज्यादा पाया गया है। जिसका ज्यादा इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। बार-बार असुरक्षित पाए जाने के कारण हमने एमपी और राजस्थान के आयुक्तों को पत्र लिखकर इसके निर्माण और विक्रय पर तुरंत प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है।
Updated on:
11 Jan 2026 12:46 pm
Published on:
11 Jan 2026 12:46 pm
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