23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लड़की का लोग उड़ाते थे मजाक, उसने कर दिया ऐसा कमाल, देखकर दंग रह गए लोग

एक लड़की जब साइकिल चलाती थी तो लोग हैरानी से देखते थे, जब वह 200-400 किलोमीटर तक साइकिल चलाने लगी तो भी लोग मजाक उड़ाते रहे, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और वो कर दिखाया, जिसे देखकर और सुनकर लोग हैरान रह गए.

2 min read
Google source verification
लड़की का लोग उड़ाते थे मजाक, उसने कर दिया ऐसा कमाल, देखकर दंग रह गए लोग

लड़की का लोग उड़ाते थे मजाक, उसने कर दिया ऐसा कमाल, देखकर दंग रह गए लोग

अशोकनगर. एक लड़की जब साइकिल चलाती थी तो लोग हैरानी से देखते थे, जब वह 200-400 किलोमीटर तक साइकिल चलाने लगी तो भी लोग मजाक उड़ाते रहे, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और वो कर दिखाया, जिसे देखकर और सुनकर लोग हैरान रह गए और उन्हें आज अपनी गलती पर पछतावा हो रहा है, क्योंकि जिस लड़की का वे मजाक उड़ाते रहे, उसने प्रदेश का नाम रोशन कर दिया है, हम बात कर रहे हैं मुस्कान रघुवंशी की, जो महज 19 दिन में 3500 किलोमीटर की कश्मीर से कन्याकुमारी की यात्रा साइकिल से करने वाली पहली महिला राइडर बन गई।

मुस्कान ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि जब मैंने नर्मदा परिक्रमा का निर्णय लिया तो लोग मजाक उड़ाते थे। कहते थे-लड़की साइकिल से क्या यात्रा कर पाएगी। उनके मजाक ने प्रेरित किया। 19 दिन साइकिल से यात्रा पूरी कर पहली महिला राइडर बनी। सफर में साइकिल चलाते घुटने जाम हो जाते थे। यह कहना है, अशोक नगर में रहने वाली साइकिलिस्ट मुस्कान रघुवंशी का। उन्होंने हाल ही में कश्मीर से कन्याकुमारी की 3500 किमी यात्रा की है। पत्रिका कार्यालय में यात्रा की यादें साझा कीं।

यह भी पढ़ेः लाड़ली बहना के लिए आय और मूल निवासी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं, केवल 4 बातों का रखें ध्यान

ये भी खास बातें
-संदेश देना चाहती थी कि लड़कियां हर मंजिल पा सकती हैं।
-1 फरवरी को जम्मू स्थित सीआरपीएफ कैंप, सिंदरा से यात्रा शुरू की।
-19 दिन बाद 25 फरवरी को कन्याकुमारी पहुंचीं।
-यात्रा के दौरान 25 से ज्यादा स्कूलों में बच्चियों को बताया- वे अपने सपने पूरे कर सकती हैं।
-लॉकडाउन में फिटनेस के लिए साइकिलिंग की।
-भोपाल में पुलवामा शहीदों की याद में 150 किमी. की राइड में शामिल हुई।
-200, ३00, 400, 600 किमी. की राइड एक कैलेंडर ईयर में पूरी की।