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करीला धाम में नृत्यांगनाओं को लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो बनाती रही भीड़, जानें विवाद की वजह

Karila Dham : आरोप है कि, मंदिर परिसर में नारियल-अगरबत्ती बेचने वाले गोपाल सोनी और उसकी बेटियों ने इन महिलाओं ने न सिर्फ उनसे अपशब्द कहे, बल्कि उसका विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर दी।

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Karila Dham

करीला धाम में नृत्यांगनाओं से मारपीट पर बवाल (Photo Source- Patrika)

Karila Dham :मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के प्रसिद्ध करीला धाम मंदिर में हालही में अश्लील गानों पर डांस वीडियो वायरल होने के बाद जहां स्थानीय लोगों में आक्रोश था तो अब वहीं नृत्यांगनाओं पर लाठी-डंडे से बेरहमी से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, उसमें हुई अभद्रता के चलते पत्रिका द्वारा उसे अपने पाठकों को दिखाना अमर्यादित है। इधर, बताया जा रहा है कि, आरोपी एक दुकानदार और उसकी बेटियां हैं, जिन्होंने तीन-चार नृत्यांगनाओं पर कहासुनी के बाद हमला कर दिया था।

बताया जा रहा है कि, विदिशा जिले के बमौरी शाला की रहने वाली नृत्यांगनाएं करीला मंदिर में श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी होने पर बधाई नृत्य कर अपना जीवन यापन करती हैं। आरोप है कि, मंदिर परिसर में नारियल-अगरबत्ती बेचने वाले गोपाल सोनी और उसकी बेटियों ने इन महिलाओं ने न सिर्फ उनसे अपशब्द कहे, बल्कि उसका विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर दी। पीड़िता मुस्कान, राजकुमारी और गुड्डी समेंत अन्य नृत्यांगनाओं ने बताया कि, आरोपियों ने उनसे बर्बरता की है। उनके शरीर पर खरोंच और चोटें आई हैं। नृत्यांगनाओं ने थाने में नामदज लिखित शिकायत देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।

हजारों की भीड़, पर पुलिस नदारद

घटना के बाद करीला धाम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर मांग उठी है। भाजपा मंडल अध्यक्ष दिनेश यादव का कहना है कि, ये इलाका जंगली है और दो तरफ से विदिशा जिले की सीमा से घिरा है। यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। श्रद्धालुओं ने भी यहां स्थाई पुलिस चौकी खोलने की मांग की है।

45 दिन बाद लगेगा करीला मेला

विश्व भर में करीला मेला प्रसिद्ध है। करीला में रंगपंचमी पर 3 दिवसीय मेला लगता है। इस बार 8 मार्च को ये मेला लगेगा। जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां चल रही हैं। यानी मेले के लिए 45 दिन शेष हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं होना भी चिंता का बढ़ा कारण है।

सुरक्षा के घेरे में हो करीला धाम

श्रद्धालुओं ने बताया कि करीला बुंदेलखंड की लोक संस्कृति और राई नृत्य का केंद्र है। यहां नृत्यांगनाओं के साथ अभद्रता और अश्लील हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। शासन को यहां तुरंत स्थाई पुलिस चौकी खोलनी चाहिए।