
मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री रजाक की मुश्किलें बढ़ीं, भ्रष्टाचार के 25 आरोप
कुआलालंपुर: मलेशिया के अभियोजकों ने पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक के खिलाफ 25 आरोप दाखिल किए हैं जिसमें 1मलेशिया डेवलपमेंट बरहाद (1एमडीबी) स्टेट फंड से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप शामिल है।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नजीब ने भ्रष्टाचार के चार और मनी लॉन्ड्रिंग के 21 मामलों में अपनी भूमिका को स्वीकार नहीं किया है। 65 वर्षीय नजीब रजाक ने वर्ष 2009 से इस साल मई तक मलेशिया के प्रधानमंत्री पद पर रहे जिस दौरान उन्होंने 1एमडीबी निधि की स्थापना की थी।उन पर आरोप है कि उन्होंने 1एमबीडी से 68.1 करोड़ डालर अपने निजी खाते में डाल लिए थे।
नजीब रजाक का आरोपों से इनकार
नजीब रजाक ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह धन सऊदी अरब के एक शाहजादे की ओर से चंदे के रूप में दिया गया था और सत्ता में रहने के दौरान मलेशियाई अधिकारियों ने मुझे दोषमुक्त कर दिया था।मलेशिया में मई में नए प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद के सत्ता में आने के बाद यह मामला दोबारा खोला गया और उन्होंने नजीब रजाक और और पत्नी रोसमाह मंसोर पर देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया।अमरीका, स्विट्जरलैंड और सिंगापुर समेत छह देशों ने भी 1एमडीबी घोटाले में न्यायिक जांच शुरू की गई है।
दोषी होने पर हो सकती है 15 साल की जेल
आरोप है कि नजीब रजाक ने 26 दिसंबर, 2014 से 10 फरवरी, 2015 के बीच कथित रूप से आरएम 27 मिलियन, आरएम 10 मिलियन और आरएम पांच मिलियन की राशि प्राप्त की थी। इन आरोपों के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 15 साल की जेल और अवैध रूप से हासिल की गई राशि का पांच गुना संभावित जुर्माना चुकाना पड़ सकता है।पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को भ्रष्टाचार के मामले में इसी साल तीन जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने पूर्व पीएम रजाक के घर पर छापा मारकर 30 मिलियन डॉलर्स यानी लगभग 204 करोड़ रुपए जब्त किए थे।
Published on:
20 Sept 2018 07:58 pm
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