
मंगल राहु की युति से बनने वाला अंगारक योग सफलता भी देता है, इसके लिए यह उपाय करने चाहिए।
कब बनता है अंगारक योग
प्रयागराज के प्रसिद्ध ज्योतिषी आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली के किसी घर में राहु और मंगल ग्रह साथ-साथ (rahu mangal yuti) हों तो अंगारक योग (angarak yog) बनता है। वैसे तो यह योग अच्छा और बुरा दोनों तरह के फल देता है। लेकिन कुंडली के जिस भाव में यह योग बन रहा है, उसी को पीड़ित कर देता है।
सफलता के शिखर पर पहुंचा सकता है अंगारक योग
ग्रह नक्षत्रों की चाल टेढ़ी और इनके रिश्ते बहुत उलझे होते हैं। अलग-अलग ग्रहों का साथ कभी जातकों के लिए विनाशकारी योग बनाता है तो कभी ये शुभ फल से जातक को तरक्की और यश के शिखर पर भी पहुंचा देते हैं। मंगल और राहु के योग से बनने वाला अंगारक योग ऐसा ही योग (angarak yog in kundali) है, जो जातकों को प्रभावित कर आक्रामक बनाकर हत्याएं तक करा देता है और यह शुभ फल देने पर आए तो जातक को बड़ा सर्जन भी बना सकता है। इसलिए अंगारक योग शुभ फल दे, इसके लिए जातकों को अंगारक योग उपाय (Angarak Yog Upay) जरूर करना चाहिए।
अंगारक योग का दुष्प्रभाव (Angarak Yog Side Effect)
अंगारक योग के कारण जातक के जीवन में लड़ाई-झगड़ा होता है। अंगारक योग के दुष्प्रभाव से व्यक्ति का स्वभाव आक्रामक, हिंसक और नकारात्मक हो जाता है। ऐसे जातकों के भाइयों और रिश्तेदारों से संबंध खराब हो जाते हैं। इसके कारण धन संबंधी परेशानियां भी आती हैं। यदि किसी महिला की कुंडली में अंगारक योग बन रहा है तो उसे संतान प्राप्ति में बाधा आ सकती है। इस योग के शांति उपाय न करने से व्यक्ति को लंबे समय तक दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
सभी घरों में अंगारक योग के प्रभाव और उपाय (Angarak Yog Ke Upay)
पहला घरः कुंडली के इस घर यानी भाव में अंगारक योग बनना सबसे अधिक खतरनाक है। इस घर में अंगारक योग बनने पर व्यक्ति को पेट संबंधित बीमारियों से जूझना पड़ता है, उसे शारीरिक चोटों का सामना करना पड़ता है। ऐसा व्यक्ति अस्थिर मन वाला और क्रूर हो जाता है।
उपाय : पहले घर में अंगारक योग बनने के दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को पानी में बताशे बहाने चाहिए। इसी के साथ हर मंगलवार गाय को गुड़ खिलाना चाहिए।
दूसरा घर: कुंडली के दूसरे घर में अंगारक योग बनने पर वयक्ति का जीवन आर्थिक लिहाज से उतार-चढ़ाव वाला हो जाता है।
उपाय : इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए छोटी अंगुली में चांदी की अंगूठी पहननी चाहिए।
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तीसरा घरः कुंडली के तीसरे घर में अंगारक योग बनना रिश्ते पर प्रतिकूल असर डालता है। ऐसे व्यक्ति के भाइयों से संबंध कड़वे रहते हैं। यह व्यक्ति धोखेबाजी से सफलता प्राप्त करने की कोशिश करता है।
उपायः इसके दुष्प्रभाव के निवारण के लिए घर में हाथी दांत रखना चाहिए।
चौथा घरः चौथे भाव में अंगारक योग बनने पर माता को दुख प्राप्त होता है, ऐसे व्यक्ति को भूमि विवाद भी झेलना पड़ता है।
उपायः चौथे घर में अंगारक योग बना है तो उसके दोष निवारण के लिए सोना, चांदी और तांबे की अंगूठी पहननी चाहिए।
पांचवां घरः कुंडली के पांचवें भाव में अंगारक योग बनने पर संतानहीनता हो सकती है। यह योग जुए सट्टे से लाभ भी दिलाता है।
उपाय : दोष निवारण के लिए रात को सिरहाने पानी का बर्तन भरकर रखें और सुबह उठते ही पेड़-पौधों में डालें।
छठां भाव : कुंडली के छठें भाव में अंगारक योग बनने पर ऋण लेकर किए कार्य में उन्नति होती है। इस योग के कारण कुंडली में शुभ-अशुभ ग्रहों की परिस्थिति के अनुसार व्यक्ति कातिल या सर्जन भी बन सकता है।
उपाय: दोष निवारण के लिए कन्याओं को दूध और चांदी का दान दें। मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करें।
सातवां भाव : कुंडली के सप्तम भाव में अंगारक योग बनने पर व्यक्ति को वैवाहिक जीवन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह योग व्यक्ति को नाजायज संबंध वाला, विधवा या विधुर बना सकता है।
उपाय : इसके दोष से बचने के लिए चांदी की ठोस गोली अपने पास रखनी चाहिए।
आठवां भाव : कुंडली के अष्टम भाव में अंगारक योग बनने से व्यक्ति को पैतृक संपत्ति मिलती है। हालांकि सड़क दुर्घटना के प्रबल योग भी बनते हैं।
उपाय: दोष निवारण के लिए मीठी रोटियां कुत्तों को देना चाहिए।
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नवम भाव : वार्ष्णेय के अनुसार कुंडली के अष्टम भाव में अंगारक योग व्यक्ति को भाग्यहीन, वहमी, रूढ़ीवादी और तंत्रमंत्र में लिप्त रहने वाला बनाता है।
उपाय : इसके दोष निवारण के लिए मंगलवार को हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाएं और हर मंगलवार गाय को गुड़ खिलाएं।
दसवां घर : कुंडली के दशम भाव में अंगारक योग व्यक्ति को मेहनती, कर्मठ और स्पोर्ट्समैन बनाता है। ऐसे व्यक्ति जीवन में अत्यधिक सफल होते हैं।
उपाय : कुंडली के दशम भाव में अंगारक योग के दोष निवारण के लिए व्यक्ति को मूंगा धारण करना चाहिए।
ग्यारहवां भाव : ऐसे व्यक्ति को प्रॉपर्टी से लाभ मिलता है। हालांकि ग्यारहवें भाव में अंगारक योग जातक को चोर, कपटी और धोखेबाज भी बना सकता है।
उपाय : ग्यारहवें भाव में अंगारक योग दोष निवारण के लिए घर में मिट्टी के बर्तन में सिन्दूर रखना चाहिए।
बारहवां घर : ऐसा व्यक्ति जिसके 12वें भाव में अंगारक योग बनता है, वह आयात-निर्यात में सफल होता है। ऐसे व्यक्ति को रिश्वतखोरी से लाभ मिलता है। ऐसा व्यक्ति दुश्चरित्र होता है और दुष्कर्म तक से पीछे नहीं हटता।
उपाय : इस दोष के निवारण के लिए गले में चांदी का हाथी धारण करना चाहिए। साथ ही हर मंगलवार गाय को गुड़ खिलाना चाहिए।
मई में हो रहा मंगल गोचर
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य उमाशंकर मिश्र के अनुसार उग्र ग्रह मंगल मई में गोचर (Mangal Gochar 2023) करेगा, यह ग्रह 10 मई को कर्क राशि (Mars transit) में गोचर करेगा। इसका अलग-अलग राशियों में अलग-अलग फल होगा।
Updated on:
08 May 2023 01:20 pm
Published on:
08 May 2023 01:18 pm
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