Horoscope 18 May 2025 : राशिफल,रविवार, 18 मई 2025
मेष-अपने आप पर विश्वास रखें और नकारात्मक सोच न रखें। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, सफलता अवश्य ही मिलेगी। जीवनसाथी की उन्नति सामाजिक सम्मान को बढ़ाएगी।
वृषभ-अपनी रुचि के अनुसार काम न होने से कर्मचारियों से नाराज रहेंगे। आज व्यापारिक मामलों में जवाबदारी बढ़ने वाली है। संतान पर विशेष ध्यान दें। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
मिथुन-बातें कम और काम ज्यादा करें। कार्यक्षेत्र में नए प्रस्ताव प्राप्त हो सकते हैं। परिवार में अनुरूप स्थिति बनेगी। वाहन क्रय करने के योग बन रहे हैं। व्यापार विस्तार में आर्थिक सहयोग लेना पड़ेगा।
कर्क-अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। संभल जाएं। कार्यस्थल पर योग्यता के अनुरूप कार्य करें। संतान की चिंता, व्याकुलता बढ़ेगी। आज भागदौड़ अधिक रहेगी।
सिंह-आप के विरोधियों के कारण व्यापारिक बाधाएं आएंगी। परिश्रम की तुलना में सफलता कम मिलने से हताश होंगे। किसी के सहयोग से समस्या का समाधान होगा। वाहन सतर्कता से चलाएं।
कन्या-आप की मेहनत से व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी। परिवार में मांगलिक कार्यों की रुपरेखा बनेगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कार्यविस्तार के लिए उचित मार्गदर्शन लेना होगा।
तुला-आर्थिक मामलों में लापरवाही न करें। किसी विषय को जानने की जिज्ञासा बढ़ेगी। संत समागम होगा। दिखावे एवं आडंबरों से बचें। पारिवारिक उलझनों से राहत मिलेगी। कर्ज लेने से बचें।
वृश्चिक-नौकरी में पदोन्नति एवम् तबादले के योग हैं। परिवार में सहयोग का वातावरण बना रहेगा। लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम करें, परीक्षा में सफलता मिलेगी।
धनु-अपने परिजनों से सामान व्यवहार करें। अपनी बुद्धिमानी से कई व्यापारिक रुके कार्य पूर्ण होंगे। लंबे समय के बाद प्रिय व्यक्ति से भेंट होगी। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी रखें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा।
मकर-अपने राजनितिक संबंधों का आज लाभ मिलेगा। नौकरी में ऐच्छिक स्थानांतरण न होने से मन खिन्न रहेगा। पदोन्नति होने की संभावना है। सामाजिक कार्यों में खर्च होगा।
कुम्भ-अपने बल बूते पर काम करें। दूसरों के भरोसे न रहें। कार्यस्थल पर व्यवहारकुशलता से अधिकारियों से संबंध मजबूत होंगे। अनायास धन प्राप्ति की संभावना बन रही है। पारिवारिक वातावरण अनुकूल रहेगा।
मीन-व्यापारिक नई योजनाओं का प्रारम्भ होगा। बड़े राजनीतिज्ञ लोगों से भेंट होगी। कलात्मक कार्य में रुचि बढ़ेगी। अधिक लोभ, लालच न करें अन्यथा बने काम हाथ से निकल सकते हैं।
ज्यो. पं. चंदन श्यामनारायण व्यास