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140 दिन बदली रहेगी शनिदेव की चाल, इन 4 राशि वालों की बदल जाएगी किस्मत

शनिदेव अपनी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जिनका हर राशि पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। शनिदेव करीब 140 दिन तक वक्री रहेंगे।

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140 दिन बदली रहेगी शनिदेव की चाल, इन 4 राशि वालों की बदल जाएगी किस्मत

140 दिन बदली रहेगी शनिदेव की चाल, इन 4 राशि वालों की बदल जाएगी किस्मत

न्याय के देवता शनिदेव करीब साढ़े चार माह के लिए वक्री हो जाएंगे, वे अपनी ही राशि कुंभ में वक्री होंगे, जिसके कारण कई राशि वालों की किस्मत संवर जाएगी, तो कई राशि वालों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा, जिससे उन पर भी शनिदेव के वक्री होने का प्रभाव कम पड़ेगा। तो आईये जानते हैं क्या कहते हैं ज्योतिष और किन चार राशि वालों के लिए शनिदेव की उल्टी चाल भी फायदेमंद होगी।

पंडितों और ज्योतिषों की मानें तो 17 जून से शनिदेव वक्री होने जा रहे हैं, जो करीब 140 दिन अपनी ही राशि कुंभ में वक्री रहेंगे। कुछ जानकारों का कहना है कि वे उल्टी चाल चलेंगे, यानी वह दौर होगा, जिसमें कुछ राशि वालों को तो फायदा होगा, लेकिन कुछ राशि वालों को अपने आप को बनाए रखने के लिए भी काफी संघर्ष करना पड़ेगा। आईये जानते हैं शनिदेव के वक्री होने पर किस राशि पर क्या प्रभाव पड़ता है।

आपको बतादें कि न्याय के देवता शनि जब मार्गी होते हैं तो अपना शुभ फल प्रदान करते हैं लेकिन जब वे वक्री होते हैं तो अपना शुभ फल देने में असमर्थ हो जाते हैं। अर्थात जब शनि की उल्टी चाल चलती है, तो वह लोगों को बहुत पीड़ा देती है। क्योंकि शनि बहुत धीमी चाल से चलते हैं और इस बार वह 17 जून 2023 की रात्रि से वक्री होने जा रहे हैं। वे करीब 140 दिन यानी करीब साढ़े चार माह तक वर्की रहेंगे। वे 17 जून से वक्री होंगे और इसके बाद 4 नवंबर से फिर मार्गी होंगे।

जैसा कि हम जानते हैं कि शनि ढाई वर्षो तक एक राशि में भ्रमण करते हैं, जैसा हम जानते हैं कि शनि का 17 जनवरी को राशि परिवर्तन हुआ था, यानी वह मकर राशि से अपनी स्वयं की राशि यानी मूलत्रिकोण की राशि में उन्होंने प्रवेश किया था, अब वे 17 जून की रात्रि से वक्री होने जा रहे हैं। जिससे सभी राशियां प्रभावित होंगी और कुछ राशियों पर तो उनका अशुभ प्रभाव ज्यादा पड़ेगा। लेकिन इसके साथ साथ देश और दुनिया पर भी उनका प्रभाव पढ़ने जा रहा है।

अपनी ही राशि कुंभ में होंगे वक्री

ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि शनि का वकृत्व काल अपनी ही राशि कुंभ में रहेगा। जिसमें अलग-अलग प्रकार के परिवर्तन दिखेंगे, वही विभिन्न राशि वाले जातकों को भी अनुकूलता के लिए शनि महाराज की उपासना करनी होगी। ग्रहों के परिभ्रमण का गणित और उनका गणना अनुक्रम अलग-अलग प्रकार से गोचर की स्थिति को प्रभावित करता है।

सभी क्षेत्रों में मूल्यवृद्धि के संकेत दिखाई दे सकते हैं

शनि ग्रह का अपना विशेष प्रभाव है। यह पश्चिम दिशा का कारक ग्रह साथ ही ऊर्जा को देने वाला ग्रह है। यह उद्योग संचार के माध्यम में सहयोगी तथा पेट्रोल अथवा रासायनिक पदार्थों का भी कारक ग्रह माना गया है। इनके वक्री होते ही इन सभी क्षेत्रों में मूल्य वृद्धि का भी संकेत दिखाई दे सकता है, साथ ही संबंधित दिशा के राजयोग राष्ट्रों में राजनीतिक आर्थिक व सामाजिक परिवर्तन दिखा देंगे। यही नहीं, कुछ घटनाक्रम जैसे - भूस्खलन, भूकंप एवं कहीं-कहीं अतिवृष्टि की आपदा के रूप में अगले 2 महीने में दिखाई देंगे। मानसून से संबंधित सामुद्रिक विज्ञान की गणना भी उसी विशेष भाग से आरंभ होती है, इस दृष्टि से वकृत्व काल एवं वक्र दृष्टि का संबंध भी अलग-अलग राज्यों में वृष्टि की स्थिति को बताएगा कई खंड वृष्टि, अतिवृष्टि, अल्प वृष्टि का संकेत इनके वकृत्व काल में दिखाई दे सकते हैं।

राशियों पर यह रहेंगे प्रभाव

मेष: अधिक तनाव और चिंता करने से बचें। कार्य समय पर होगा।

वृषभ : स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है सोच समझ कर आगे बढ़े।

मिथुन : अंधविश्वास कार्य आपकी प्रतिष्ठा को उलझा सकता है, ध्यान देने की आवश्यकता है।

कर्क: वाणी पर नियंत्रण रखते हुए कार्य साधने का प्रयास करें, सफल होंगे।

सिंह : प्रतिकारों में पुन: गति आने का समय है प्रयास किया जा सकता है।

कन्या : विवादों से बचने का प्रयास करें व्यर्थ चिंता ना करें।

तुला: मित्रों का सहयोग लेने का प्रयास करें, विश्वास के साथ संतुलन बनाए।

वृश्चिक: यात्रा के दौरान ध्यान देने की आवश्यकता है।

धनु: पिछले कुछ समय से चल रही है स्थिरता में तेजी आएगी, कार्य होने लगेंगे।

मकर: पुन: चिंतन करने की आवश्यकता अनुभव होगी।

कुंभ: स्वयं को एकांत में ना रखते हुए मित्र या संबंधी के साथ रहें, इनिशिएटिव रहे।

मीन: कार्य से संबंधित प्रावधानों पर पुन: फोकस की जरूरत रहेगी।

राशि चक्र की 12 राशियों में से 4 राशियां ऐसी हैं, जिन पर शनि देव अपनी कृपा बरसाने वाले हैं। आपको बता दें कि 17 जून 2023 की रात को 10 बजकर 48 मिनट पर शनि कुंभ राशि में उल्टी चाल चलना शुरू कर देंगे।

मेष
मेष राशि वालों के लिए शनि की उल्टी चाल खुशियां लेकर आएगी। इस अवधि में इनकी आय में वृद्धि होगी। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। इनके विदेश यात्रा के योग बनेंगे। बिजनेस में लाभ होगा। करियर में तरक्की मिलेगी। वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनी रहेगी। कार्यस्थल पर सहयोग मिलेगा।

वृषभ
वृषभ राशि वालों को शनि की उल्टी चाल जमकर धन लाभ कराएगी। नौकरी करने वाले लोगों के लिए समय बेहद शुभ रहेगा। उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। इनकी आय में वृद्धि हो सकती है। प्रमोशन के योग बन रहे हैं। धन लाभ होगा। मान-सम्मान, प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नौकरीपेशा लोगों को कई तरह से लाभ मिल सकता है। आय बढ़ेगी। मेहनत के बेहतरीन परिणाम मिलेंगे।

मिथुन
शनि की उल्टी चाल मिथुन राशि वाले लोगों को आर्थिक स्तर पर मजबूती देने वाली साबित होगी। यह समय कारोबारियों के लिए भी काफी लाभ देने वाला रहेगा। धन लाभ के योग बन रहे हैं। नौकरी करने वालों के लिए प्रमोशन के योग बन रहे हैं। परिवार में खुशियां आएंगी। जीवन साथी के साथ मधुर संबंध बनेंगे। यह समय निवेश करने के लिए अच्छा है। बिजनेस करने वालों को जमकर धन लाभ होगा।

धनु
शनि की उल्टी चाल से धनु राशि वालों की किस्मत बदल जाएगी। पुरानी परेशानियां खत्म होंगी। बिजनेस करने वालों को खूब लाभ होगा। मैरिड लाइफ में खुशियां आ सकती हैं। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। बिजनेस करने वालों के लिए यह समय शुभ है। इस अवधि में निवेश भविष्य में लाभ दिलाएगा। धन कमाने में आसानी होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी में निवेश करने के लिए भी समय अच्छा है। घर में कोई मांगलिक या शुभ कार्य हो सकता है।

शनिदेव को ऐसे करें प्रसन्न
शनिदेव न्याय के देवता है, अगर आपकी राशि या आपके जीवन में कुछ परेशानियां आ रही हैं, तो आप शनिदेव की उपासना करें, शनिवार को शनिदेव को तेल, तिल, काला कपड़ा चढ़ाएं, शनि महामंत्र का जाप करें और दान पुण्य करें, इस दिन कपड़ा, तेल आदि दान करने से आपको फायदा होगा।