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कुंडली में शुक्र को मजबूत करना है तो पत्नी को रखें खुश, बदल जाएगी किस्मत, सुधर जाएंगे हालात

Shukra Majaboot hone ka fayada अगर आपकी कुंडली में शुक्र कमजोर है और आपको लगता है कि लाख कोशिशों के बाद भी धन धान्य में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। घर में रुपयों पैसों की लगातार कमी बनी हुई है तो पत्नी को रखें खुश, इससे आपके हालात सुधर जाएंगे और किस्मत बदल जाएगी। आइये जानते हैं कुंडली में शुक्र कमजोर (नीच का शुक्र) होने का क्या नुकसान है, उच्च के शुक्र का फायदा और शुक्र मजबूत करने का भगवान राम का उपाय क्या हैं..
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Pravin Pandey

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Updated: 7 Mar 2024, 11:44 AM IST

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जीवन पर शुक्र ग्रह का प्रभाव और उपाय


ग्रह नक्षत्र शोध संस्थान प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार के अनुसार शुक्र शुभ ग्रह है। यह जन्म कुंडली के सभी 12 भावों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है, जिनका हमारे जीवन पर असर पड़ता है। यह मीन राशि में उच्च का और कन्या राशि में नीच का होता है। कुंडली में शुक्र मजबूत होता है तो इसके अच्छे फल मिलते हैं और कमजोर होने पर खराब फल मिलते हैं। शुक्र के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शोहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना की प्राप्ति होती है। इससे फैशन-डिजाइनिंग आदि की समझ अच्छी होती है।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह जिस व्यक्ति के लग्न भाव में होता है वह रूप रंग से सुंदर होता है, उसके व्यक्तित्व से विपरीत जेंडर के लोग आसानी से आकर्षित हो जाता हैं। ऐसा व्यक्ति लंबी उम्र वाला और मृदुभाषी होता है। ऐसे व्यक्ति की गायन वादन, नृत्य, चित्रकला में रूचि होती है। ऐसा व्यक्ति काम वासना, भोग विलास को तवज्जो देता है और चित्रकार, गायक, नर्तक, कलाकार अभिनेता बनता है।

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में शुक्र मजबूत होने या बली होने पर वैवाहिक जीवन सुखी बनाता है। यह पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ाता है, जीवन में रोमांस में वृद्धि करता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मजबूत होता है वह भौतिक सुखों का आनंद पाता है और बली शुक्र के कारण साहित्य-कला में रूचि लेता है।


यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र पीड़ित है तो उसके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आती हैं। पती-पत्नी में मतभेद होते हैं, घर में दरिद्रता रहती है। ऐसा व्यक्ति भौतिक सुखों के अभाव में जीता है। वहीं जन्म कुंडली में शुक्र कमजोर है तो ऐसे व्यक्ति को कई प्रकार की शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। व्यक्ति की कामुक शक्ति कमजोर होती है। किडनी की बीमारी का खतरा रहता है। आंखों से संबंधित बीमारी होती है, स्त्रियों में गर्भपात का कारण बनता है।

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ज्योतिषियों के अनुसार यदि आपकी कुंडली में शुक्र कमजोर है तो आसान उपायों से इसे मजबूत कर सकते हैं।
1. शुक्र को मजबूत करने के लिए पत्नी को खुश रखें, उसकी अपेक्षा का ध्यान रखें, उसे तकलीफ न पहुंचाएं। साथ ही महिलाओं का सम्मान करें।
2. चरित्रवान बनें, गुलाबी और चमकदार सफेद रंग का जीवन में प्रयोग करें।
3. शुक्रवार का व्रत, दुर्गासप्तशती का पाठ, श्री सूक्त का पाठ या परशुरामजी की पूजा करें, चावल और सफेद वस्त्र का दान भी उपयोगी माना जाता है।
4. जीवन में संपन्नता, प्रेम और आकर्षण में बढ़ोतरी के लिए शुक्र बीज मंत्र ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः या ॐ शुं शुक्राय नमः का 64000 बार जाप फायदेमंद होता है।

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किंवदंती है कि भगवान राम के वनगमन के पीछे की वजह उनकी कुंडली के ग्रह थे, जिसको मजबूत करने के लिए भगवान राम ने वनवास के दौरान उपाय किए। इसमें से एक उपाय वनवास के दौरान शुक्र को मजबूत करना था। किंवदंती है कि इसीलिए भगवान राम माता सीता को साथ जंगल ले गए और उनकी इच्छा का ध्यान रखा।