
Aaj Ka Panchang 9 Feb 2026 : आज का पंचांग 9 फरवरी 2026
Aaj Ka Panchang 9 Feb 2026 : आज का पंचांग 9 फरवरी 2026, सोमवार के दिन का सम्पूर्ण विवरण प्रस्तुत करता है। इसमें आपको शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, राहुकाल, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, दिशा शूल, ग्रहों की स्थिति और जन्म राशि से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी। इस पंचांग की सहायता से आप अपने दैनिक कार्यों, यात्रा, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की सही योजना बना सकते हैं।
| क्रम संख्या | विवरण | मान |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मु. मास | 20 सावान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | शिशिर ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन |
| 9 | पक्ष | कृष्ण |
आज अमृत का चौघड़िया सूर्योदय से 8.34 तक रहेगा. शुभ का चौघड़िया 9.56 से 11.19 तक रहेगा, चर का चौघड़िया 2.03 से 3.25 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 3.25 से सूर्यास्त तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पूर्व में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो प्रातःकाल सूर्योदय कालीन सूर्य के दर्शन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – अष्ठमी तिथि सम्पूर्ण दिन रात्रि होगी ।
नक्षत्र – विशाखा नक्षत्र सम्पूर्ण दिन रात्रि होगा ।
योग – वृद्धि योग रात्रि 12.52 तक रहेगा तदुपरान्त ध्रुव योग रहेगा ।
करण – बालव करण रात्रि 6.15 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – यमघंट योग सूर्योदय से संपूर्ण दिनरात्रि,
व्रत / दिवस विशेष – कालाष्टमी, जानकी जयती,
चन्द्रमा – आज रात्रि 1.11 तक तुला राशि में होगा तदुपरान्त वृश्चिक राशि में प्रवेश होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 1.11 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि तुला होगी तदुपरान्त वृश्चिक राशि होगी ।
आज सम्पूर्ण दिन रात्रि जन्म लेने वाले बच्चों का विशाखा नक्षत्र होगा ।
आज अंतरात्रि 5.03 तक जन्मे बच्चों का रजत पाद होगा तदुपरान्त ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ती, तू, ते, तो पर रखे जा सकते हैं।
तुला राशि का स्वामी शुक्र होता हैं। यह सौम्य व भावुक होते हैं। इन्हें देश-विदेश घूमने का शौक होता है, किसी के अधीनस्थ रह कर कार्य करना पसंद करते हैं। यह एक स्थान पर टिक कर नहीं रहते। ये सुंदरता पसंद होते हैं और कलात्मक होते हैं। इनका स्वभाव आकर्षक होता हैं। ये न्यायशील, बुद्धिमान, तर्कशील एवं सर्तक रहने वाला होते हैं। जातक को देश-विदेशों में अनेक स्थानों पर भृमण करने के अवसर प्राप्त होते हैं। जातक बुद्धिमान, तर्कशील, साबधान एवं सर्तक रहने वाला, मध्यस्थता एवं न्याय करने में कुशल, विपरीत योनि के प्रति झुकाव रखता हैं। इनको हीरा अथवा श्वेत कपड़े पसंद होते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, उत्साही, स्पष्टवादी, परिश्रमी, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। अपना निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। इनको द्वा व्यवसाय, पुलिस, शोधकार्य, साधना, खनिज़ पदार्थों का व्यवसाय, खेती, पुरातत्त्व विज्ञान आदि कार्यों में सफलता मिलती है।
Updated on:
08 Feb 2026 01:20 pm
Published on:
08 Feb 2026 01:20 pm
