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न्याय के देव शनि हमेशा ही दंड के विधान के तहत कार्य करते हैं। ऐसे में जीवन में की गई गलतियों के लिए जहां वे दंड देते हैं तो वहीं जिस जातक के द्वारा कोई बुरा कार्य न किया गया हो उसे दंड का पात्र न मानते हुए आशीर्वाद भी प्रदान करते हैं। शनि के दंड का नियम इतना कड़ा है कि इससे कोई भी बचकर निकल नहीं पाता, यहीं कारण है कि इनके नाम से ही लोगों के दिलों दिमाग में डर बैठ जाता है। ऐसे में शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है।
शनि को लेकर जानकारों का मानना है कि शनि केवल कर्म फल ही जातक को देते हैं, ऐसे में यदि आपके कर्म अच्छे रहे हों तो शनि आपसे प्रसन्न होकर आपको विशेष आशीर्वाद भी प्रदान करते हैं। शनि के संबंध में यहां तक मान्यता है कि जब शनिदेव किसी पर प्रसन्न होते हैं तो उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल कर रख देते हैं, यहां तक की अपने आशीर्वाद से जातक को फर्श से अर्श तक पहुंचा देता है। इसके अलावा जब किसी जातक के बुरे कर्मों के तहत शनिदेव दंड देते हैं तो उसे महादशा, दशा, साढ़ेसाती और ढैय्या लगती हैं।
इस दौरान शनिदेव जातक को कई बार अत्यंत भयानक दंड भी देते हैं। शनि के इसी दंड के विधान के तहत कर्मों का फल प्रदान करने के चलते उन्हें ज्योतिष शास्त्र में न्यायधीश भी कहा जाता है। शनि का सप्ताह में दिन शनिवार, रंग काला और रत्न नीलम माना गया है।
ऐसे में आज हम आपको ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि की कुछ ऐसी पहचान बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप इस बात को जान सकते हैं कि आप पर शनि का कहीं कोई अशुभ प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है। तो चलिए जानते हैं शनि की दृष्टि आपकी ओर कैसी है, इस बारे में...
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जब शनिदेव के अशुभ प्रभाव के फलस्वरूप जातक के बाल तेजी से झडने लगते हैं। जब कभी यह स्थिति दिखें तो जानकारों के अनुसार जातक को तुरंत ही सावधान हो जाना चाहिए और शनि देव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा और व्रत करना। लेकिन यहां इस बात को भी जान लें कि कई बार ग्रहों के राजा सूर्य के प्रतिकूल होने पर भी बाल तेजी से झडने के साथ ही जातक पर गंजापन छाने लगता है।
शनि- आपके लिए कहीं बुरे तो नहीं, ऐसे समझें
: शनि के भारी होने पर बहुत से लोगों के माथे के कलर में बदलाव आना शुरु हो जाता है। जिसके कारण माथे का तेज धीरे-धीरे खत्म होने के साथ ही ललाट पर कालापन दिखने लगता है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार ऐसे स्थिति की शुरुआत में ही जातक को संभल जाना चाहिए और हर कार्य अत्यंत देखभाल कर ही करना चाहिए, इसका कारण ये है कि ऐसे जातकों पर कलंक लगने का डर बना रहता है। जिसके चलते जातक का अपयश होता है वहीं ऐसा जातक विचार कुछ करता है जबकि होता कुछ और ही है।
: शनि के अशुभ के फलस्वरूप परिवार और कारोबार में तो तनाव पैदा होता ही हैं साथ ही कार्य भी बिगडने शुरु हो जाते हैं। इसके अलावा कारोबार की जगह व घर में भी आग लगने का भय होता है। इससे बचने के लिए जातक को अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने के साथ ही शनिदेव की आराधना करनी चाहिए।
: भारी होकर जब शनि अशुभ प्रभाव देना शुरु करते हैं, तो ऐसे जातक को अनैतिक कार्य करने का मन करने लगता है। उसे अपना पैसा शेयर सट्टे में लगाने का चस्का लग जाने के अलावा वह गलत संगत में फंस जाता है। जातक की सोच शनि के प्रभाव से बदल जाती है और वह कार्य करने लगता है, जो उसे आर्थिक तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं।
शनि के भारी होने के लक्षण
शनि के भारी होने का एक लक्षण ये भी है कि भारी होते ही ये जातक की खाने-पानी की आदतो में बड़ा बदलाव ला देता है। जिसके चलते जातक की रुचि कड़वे, तैलीय और मांसहारी भोजन की ओर बढ़ जाती है। यहां तक की शाकाहारी जातक भी इस दौरान मांस-मदिरा में रुचि लेना शुरु कर देता है। जानकारों के अनुसार जब किसी जातक में इन चीजों को लेकर रुचि बढने लगे तो उसे तुरंत संभल जाना चाहिए साथ ही शनि को प्रसन्न करने के उपाय भी करने चाहिए।
ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इसके अलावा शनि के अशुभ प्रभाव के फलस्वरूप जातक के स्वभाव में बदलाव आने लगता है। ऐसी स्थिति में जातक बार बार झूठ बोलने के साथ ही उसके क्रोध में भी लगातार इजाफा देखने को मिलता है। कुल मिलाकर हर बात पर झूठ बोलना और गुस्सा करना उसके स्वभाव में पूरी तरह से समा जाता है। इसके साथ ही ऐसे जातक का मन धर्म-कर्म कार्यों से दूर होने लगता है।
Published on:
05 Aug 2023 02:47 pm

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