अयोध्या रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के बाद घायल अवस्था मे मिली थी महिला सिपाही
Ayodhya : सरयू एक्सप्रेस ट्रेन महिला सिपाही पर जानलेवा हमला करने के मामले में जीआरपी और यूपी पुलिस के हाथ खाली ही है। घटना की नहीं कोई सुराग मिल सकता है और ना ही आरोपी की कोई जानकारी मिल पाई है। जिसको लेकर एसटीएफ ने आरोपी की सूचना देने वाले को 1 लाख रुपया का ऐलान किया है। तो वही इस मामले में लापरवाही बढ़ाने वाले मनकापुर जीआरपी दरोगा को सस्पेंड भी कर दिया गया है।
लखनऊ एसटीएफ कर रही मामले की जांच
बीते माह में रामनगरी के ऐतिहासिक सावन झूला मेला की चौकसी के बीच मेला ड्यूटी में तैनात महिला सिपाही के साथ हुई वारदात के मामले में हाईकोर्ट की ओर से संज्ञान लिए जाने के बाद घटना के अनावरण के लिए लखनऊ से एसटीएफ की टीम लगाई गई है। बीते दिनों घटना स्थल और ट्रेन मार्ग का निरीक्षण करने के बाद भी अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
अयोध्या में मेला ड्यूटी करने जा रही थी महिला सिपाही
बताते चले कि सुल्तानपुर नगर कोतवाली में तैनात महिला सिपाही पर अपने प्रयागराज स्थित पैतृक गांव से अयोध्या हनुमानगढ़ी मेला ड्यूटी आने के दौरान मनकापुर से वापस प्रयागराज की ओर जा रही सरयू एक्सप्रेस में जानलेवा हमले की वारदात हुई थी। 30 अगस्त की भोर ट्रेन के अयोध्या जंक्शन पहुंचने पर घायल, अर्धबेहोश और अर्धनग्न महिला दीवान को उपचार के लिए लखनऊ रेफर किया गया था।
घटना के जांच की मॉनिटरिंग कर रहा कोर्ट
रेलवे पुलिस का दावा था कि सर्विलांस समेत तमाम टीमों को लगाया गया है, लेकिन कई दिनों तक मामले में कोई प्रगति न होने तथा रामनगरी के ऐतिहासिक सावन झूला मेले को लेकर कड़ी चौकसी के बीच महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई इस वारदात में हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया और मानीटरिंग में लगे आला अधिकारी को तलब किया था।