
दीपोत्सव में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेंगे अयोध्यावासी, राम की पैड़ी पर जलाए जाएंगे 5.51 लाख दीये, 10 हजार वालंटियर्स लगे काम पर
अयोध्या. अयोध्यावासी पिछले साल दीपोत्सव पर जलाए गए दीयों का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेंगे। राम की पैड़ी पर 5.51 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इसके लिए अवध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को जिम्मेदारी दी गई है। कुल 10 हजार वालंटियर्स इसमें हिस्सा लेंगे। दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी में शासन प्रशासन पूरी तरह से जुट गया है। दीपोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलाल की संध्या आरती से करेंगे। उनके द्वारा आरती के बाद पहला दीप रामलला के दरबार में जलाया जाएगा। 1992 के बाद यह पहला मौका होगा जब श्रीराम जन्मभूमि परिसर में इतने बड़े स्तर पर दीप जलाए जाएंगे।
यह होगा कार्यक्रम
तय कार्यक्रम के मुताबिक अयोध्या पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियों का राम कथा पार्क में स्वागत करेंगे। उसके बाद राम और सीता के स्वरूप पुष्पक विमान से राम कथा पार्क पहुंचेंगे जहां मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी इनकी अगवानी करेंगे और आरती करेंगे। फिर यहीं राम का राज्याभिषेक होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर जाएंगे। जहां वह राम जन्मभूमि पर छोटी दीपावली के मौके पर रामलला की आरती उतारेंगे। उसके बाद राम जन्मभूमि परिसर में गाय के गोबर से बनाए गए विषेष दीपक जलाए जाएंगे। यह दीपक सरकारी गोशालाओं में तैयार किए जा रहे हैं।
5.51 लाख दीये जलाने का लक्ष्य
इस बार दीपोत्सव में 5.51 दीये जलाने का लक्ष्य है। अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रविशंकर सिंह ने कहा कि इस बार के आयोजन में विश्वविद्यालय का अहम योगदान होगा। पिछले वर्ष हमने 4,26,000 दीपक जलाए थे। इस बार हमने इससे ज्यादा दीए जलाने का लक्ष्य है। घाटों की संख्या भी जहां पहले 12 थी वह इस बार 24 घाट है। इस आयोजन में कुल 8000 सक्रिय वालंटियर्स होंगे। 2000 वालंटियर को रिजर्व में रखा गया है। इस प्रकार कुल 10 हजार वालंटियर काम में लगेंगे।
Updated on:
7 Nov 2020, 10:11 AM IST
Published on:
7 Nov 2020, 10:11 AM IST
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