अयोध्या

राम मंदिर निर्माण में अब तक खर्च हुए 900 करोड़ रुपये, मंदिर ट्रस्ट के खातों में अभी भी 3,000 करोड़ रुपये जमा

2021 में राम मंदिर निर्माण के लिए ‘निधि समर्पण अभियान’ में रामभक्तों ने 3500 करोड़ का दान दिया है। जो कि अभी भी जारी है। इनमें से अभी तक 900 करोड़ रुपए खर्चे हो चुके हैं, जबकि तीन हजार करोड़ रुपये बैंक में जमा हैं।

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Oct 08, 2023
चंपत राय ने कहा कि सरयू तट पर स्थित राम कथा संग्रहालय एक कानूनी ट्रस्ट होगा।

अयोध्या के मणिरामदास की छावनी में शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई। इसमें राम मंदिर निर्माण से जुड़े 18 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें बताया गया कि राममंदिर निर्माण का काम तीन चरणों में पूरा होगा। 2025 के अंत तक सभी योजनाएं पूरी हो जाएंगी। दिसंबर 2024 तक 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा लहराने लगेगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर के निर्माण पर 5 फरवरी, 2020 से 31 मार्च, 2023 के बीच 900 करोड़ रुपये की राशि खर्च की गई है। हालांकि, मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों में अभी भी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

18 बिंदुओं पर हुई चर्चा
राय ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में कुल 18 बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें विदेशी मुद्रा में दान लेने की कानूनी प्रक्रिया भी शामिल थी। ट्रस्ट ने एफसीआरए के तहत विदेशी योगदान की अनुमति के लिए आवेदन किया है।

राम कथा संग्रहालय में रखे जाएंगे 50 साल के कानूनी दस्तावेज
राय ने कहा कि सरयू तट पर स्थित राम कथा संग्रहालय एक कानूनी ट्रस्ट होगा। वहां राम मंदिर का 500 साल का इतिहास और 50 साल के कानूनी दस्तावेज रखे जाएंगे। प्रतिष्ठा समारोह के लिए एक धार्मिक समिति का गठन किया गया है। पैनल रामानंदी परंपरा के अनुसार भगवान के श्रृंगार, कपड़े और देवता की पूजा पद्धति पर निर्णय लेगा। पैनल में नृत्य गोपाल दास, गोविंद देवगिरी, तेजावर स्वामी, चंपत राय, अनिल मिश्रा और अयोध्या के रामानंद परंपरा के चार संत शामिल होंगे।

Updated on:
08 Oct 2023 07:44 pm
Published on:
08 Oct 2023 07:43 pm
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