अयोध्या में 6 दिसंबर को हिंदू मुस्लिम विवाद के दौरान शहीद हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों को याद करते हुए मस्जिद में होगी कुरान खानी।
6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की 30वीं बरसी मनाई जाएगी। इस दिन अयोध्या के मस्जिदों में यौमे गम और काला दिवस को लेकर आयोजन होंगे और इस दौरान शहीद मुसलमानों को याद करेंगे। दरसल अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 में अयोध्या में पिछले 70 वर्षों से चल रहे विवादित ढांचे का विध्वंस हुआ था। कहा जाता हाय की अयोध्या की घटना में कई मुसलमानों ने भी जान गवाई थी।
बाबरी विध्वंस की बरसी पर होगी कुरान खानी
विवादित ढांचा विध्वंस के प्रकार हाजी महबूब में जानकारी देते हुए बताया है कि बाबरी विध्वंस आज 30 वर्ष पूरे हो रहे हैं। और वर्ष आज के दिन काला दिवस के रूप में मनाते हैं। लेकिन अब इसका कोई फायदा नहीं है। क्योंकि हिंदुओं के पक्ष में फैसला आ चुका है। इसलिए इस वर्ष हम लोग इस घटना में शहीद हुए मुस्लिम भाइयों को याद करेंगे। और अयोध्या के मस्जिदों पर कुरान खानी किया जाएगा।वहीं हिंदू पक्ष से जुड़े लोगों पर बड़ा आरोप लगाया है कि राम मंदिर विवाद पर फैसला आने के बाद यह निर्णय लिया गया था। कि किसी भी धार्मिक स्थान को अब टच नहीं किया जाएगा। लेकिन सबके सामने ज्ञानवापी मस्जिद का मामला है। उसका मुकदमा भी चल रहा है। जो फैसला होगा वह देखा जाएगा। हाजी महबूब के मुताबिक अयोध्या में 1990 और 1992 की घटना के दौरान कई मुसलमानों की भी कुर्बानी हुई।
1992 अयोध्या की होती है बेहद खास तारीख
दरअसल अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा विध्वंस के बाद मुस्लिम समुदाय के द्वारा काला दिवस मनाते है। 9 नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अब मुस्लिम समुदाय के लोग काला दिवस को मस्जिदों में मनाए जाने का कार्य करते हैं। मस्जिदों पर काला झंडा लगाया जाता है। और मुसलमानों के साथ कुरान पढ़ी जाती है। आज इस घटना के समाप्त हुए 30 वर्ष पूरे हो गए हैं। तो वहीं इस घटना को लेकर चल रहे आपसी विवाद भी सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को अपने फैसले के साथ समाप्त हो गया। लेकिन अभी भी 6 दिसंबर को लेकर अयोध्या में तरह तरह के आयोजन किए जा रहे हैं।