5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा में इस तरह साधु संत लेंगे हिस्सा, नियम भंग हुआ तो नहीं हो पाएंगे शामिल

ऐतिहासिक राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आगामी 22 जनवरी को होने जा रहा है। जिसके लिए देश-विदेश के 8000 संतो को निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है।

2 min read
Google source verification
letter_2.jpg

साधु संतों को भेजा जा रहा निमंत्रण पत्र।

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश-विदेश के 8000 संतो को निमंत्रण पत्र भेजा जा रहा है। जिसके साथ साधु संतों को एक पत्र भी भेजा जा रहा है, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा निवेदन भी किया जा रहा है। जिसका पालन करना साधु संतों के लिए अनिवार्य होगा।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा प्रेषित या पत्र महासचिव और विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय पदाधिकारी चंपत राय द्वारा हस्ताक्षर करके भेजा जा रहा है। जिसमें संतों से समय से पूर्व पधारने का अनुरोध किया गया है और यह भी कहा जा रहा है कि समय से ना आने पर सुविधा होगी। इस पत्र में कल सात बिंदुओं में निर्देश दिए गए हैं जिसमें संतों से आग्रह किया जा रहा है कि वह अपना आधार कार्ड साथ में ले आए।

यह भी पढ़ें-
राम मंदिर के दर्शन के बाद भक्तों को परकोटे से मिलेगा प्रसाद, दो दिवसीय बैठक में बनी योजना

IMAGE CREDIT: साधु संतों को निमंत्रण पत्र के साथ भेजा जा रहा निर्देश पत्र।

इसके अलावा साधु संत अपने साथ मोबाइल, झोली, पर्स, छत्र, चंवर, सिंहासन निजी पूजा के समान, ठाकुर जी या गुरु पादुका आदि कार्यक्रम स्थल पर लेकर ना आए। इस पत्र में बताया गया है कि 22 जनवरी को कार्यक्रम स्थल पर 11:00 बजे दिन में प्रवेश होगा और यह तीन घंटे से अधिक समय तक चल सकता है।

यह भी पढ़ें-

रघुवंशियों के आराध्य हैं सूर्य देव अयोध्या में लगाया जा रहा सूर्य स्तंभ

कार्यक्रम स्थल पहुंचने के लिए 1 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है और एक निमंत्रण पत्र पर केवल एक व्यक्ति का ही प्रवेश संभव हो सकता है। साधु संत अपने साथ शिष्य सेवक आदि किसी अन्य व्यक्ति को लेकर साथ में ना आए। इसके अलावा यदि किसी साधु संत के साथ सुरक्षाकर्मी हैं तो वह भी कार्यक्रम स्थल पर नहीं आ सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंदिर परिसर से बाहर चले जाने के बाद ही रामलला के दर्शन हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें-

अयोध्या में पुलिस अधिकारी ने कहा बढ़िया है सरयू में डूब गये, मोक्ष लेने ही तो आए थे कारसेवा में

यह भी पढ़ें-

जब अयोध्या में जवानों ने गोली चलाने से किया इंकार, बाबरी गुंबद पर बंदरों ने पकड़ा भगवा ध्वज