पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर अगले सितम्बर महीने में करेंगे दिल्ली कूच -राम पाल सिंह
पुरानी पेंशन योजना लागू कराने तथा देश के विभिन्न प्रदेशों के शिक्षकों की समस्याओं हेतु आंदोलनों को गति प्रदान करने हेतु देश को पांच भागों में बांटते हुए पांच उप समितियां संचालित की गई जो विभिन्न राज्यों के आंदोलनों को गति प्रदान करेंगी | पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने हेतु जनपद स्तर से लेकर देश स्तर पर आंदोलन हेतु प्रस्ताव बैठक के दौरान पारित किया गया । पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल सिंह ने एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि इस मुद्दे को लेकर यूपी सहित देश के पांच राज्यों में चुनाव संपन्न होने के बाद ब्लाक स्तर से हम अपने विरोध की आवाज़ उठाएंगे जिसके बाद हम अपनी मांग को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन के माध्यम से रखेंगे और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा फिर भी हमारी नहीं सुनी गई तो प्रदेशस्तर पर राज्यपाल मुख्यमंत्री के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को हम अपनी मांगों से अवगत कराएंगे और बात तब भी न बनने पर आने वाले सितंबर महीने में देश की राजधानी दिल्ली में हम संसद का घेराव करेंगे और पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए सरकार से मांग करेंगे ।

भाजपा सांसद लल्लू सिंह ने कहा गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र की भूमिका बनाएं शिक्षक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में पहुंचे फैजाबाद के सांसद लल्लू सिंह ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अगर गुरु विश्वामित्र ना होते तो रावण का वध कभी ना होता | दुनिया की दो प्रमुख शक्तियों अयोध्या और जनकपुर को वैवाहिक संबंध से जोड़कर गुरु विश्वामित्र ने अपने दूरदर्शी होने का परिचय दिया | गुरु विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ की शिक्षा का परिणाम था कि भगवान राम ने दुनिया के सबसे बड़े आतंकी रावण का वध किया | इसलिए आदिकाल से गुरु का स्थान सर्वोपरि रहा है । वहीं संगठन के नेताओं की मांग को लेकर सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों को लेकर आवश्यकता पड़ी तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संगठन के नेताओं को मिलवाने का काम करेंगे और लोकसभा में भी इस मुद्दे को उठाएंगे लेकिन जरूरत यह भी है कि वर्तमान समाज के शिक्षक भी गुरु विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ की भूमिका अपनाएं क्योंकि गुरु के माध्यम से ही एक स्वस्थ समाज की स्थापना की जा सकती है ।
देश के 22 राज्यों से प्रतिनिधि हुए शामिल
प्रांतीय परिषद की बैठक में देश के विभिन्न राज्यों उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखंड ,मिजोरम,मेघालय,असम,उत्तराखंड,राजस्थान,गुजरात,महाराष्ट्र,कर्नाटक,मध्य प्रदेश,दिल्ली,उड़ीसा,गोवा,तमिलनाडु,केरला,पश्चिम बंगाल,हरियाणा,पंजाब,आंध्र प्रदेश,तेलंगाना से लगभग 250 शिक्षक प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया |इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा गुणवत्ता संवर्धन के कार्यक्रम सहित प्राथमिक शिक्षा में प्री-प्राइमरी एजुकेशन की मांग बैठक के दौरान संगठन के नेताओं और सदस्यों ने की | बैठक में कार्यवाही संचालन संगठन के महासचिव कमलाकांत त्रिपाठी द्वारा किया गया | बैठक की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल सिंह ने बैठक में उपस्थित संगठन के नेताओं और सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली हेतु अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ हर लड़ाई लड़ने के लिए संघर्ष का खाका तैयार कर चुका है इसके लिए संगठन के लोग एकजुट हो जाएं और अपने जायज हक के लिए लड़ाई लड़े |