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परीक्षा शुल्क नहीं तो रिजल्ट नहीं, जानिए जेयू ने क्यों दी चेतावनी

जीवाजी विश्वविद्यालय ने परीक्षा संचालन शुल्क जमा नहीं करने पर सख्त रुख अपनाते हुए संबद्ध कॉलेजों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं

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परीक्षा शुल्क नहीं तो रिजल्ट नहीं, जानिए जेयू ने क्यों दी चेतावनी

परीक्षा शुल्क नहीं तो रिजल्ट नहीं, जानिए जेयू ने क्यों दी चेतावनी

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय ने परीक्षा संचालन शुल्क जमा नहीं करने पर सख्त रुख अपनाते हुए संबद्ध कॉलेजों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। विश्वविद्यालय ने चेतावनी दी है कि यदि प्रति छात्र 188 रुपए की दर से निर्धारित परीक्षा संचालन शुल्क तय समय पर जमा नहीं कराया गया, तो संबंधित कॉलेजों के परीक्षा परिणाम जारी नहीं किए जाएंगे।
परीक्षा नियंत्रक ने कॉलेजों को जारी नोटिस में कहा है कि शुल्क जमा कराने को लेकर पहले भी कई बार पत्राचार किया जा चुका है। इसके बावजूद वर्ष 2025-26 की परीक्षाओं के लिए जिन केंद्रों का निर्धारण किया गया था, वहां अब तक कई कॉलेजों ने परीक्षा संचालन शुल्क जमा नहीं कराया है। विश्वविद्यालय ने दो टूक कहा है, दो दिन के भीतर राशि जमा नहीं हुई, तो परिणाम रोकने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब कॉलेजों की लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले वर्ष 2025 में भी परीक्षा केंद्रों पर शुल्क जमा नहीं कराने के चलते आठ शासकीय कॉलेजों के परिणाम रोक दिए गए थे। उस समय विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रत्येक कॉलेज पर 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। कॉलेजों की ओर से परिणाम जारी करने को लेकर कई स्तरों पर आग्रह किए गए, लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा और जुर्माना जमा कराने के बाद ही परिणाम जारी किए गए।


क्यों जरूरी है परीक्षा संचालन शुल्क

विश्वविद्यालय द्वारा जिन कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है, वहां परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं जैसे कक्ष व्यवस्था, निगरानी, सामग्री और अन्य प्रशासनिक इंतजाम के लिए प्रति छात्र 188 रुपए की दर से परीक्षा संचालन शुल्क दिया जाता है। यह राशि उन कॉलेजों द्वारा जमा कराई जाती है, जिनके छात्र संबंधित केंद्रों पर परीक्षा देते हैं। पहले यह शुल्क विश्वविद्यालय में जमा कराया जाता था, लेकिन व्यवस्था में बदलाव के बाद अब कॉलेजों को सीधे परीक्षा केंद्र पर यह राशि जमा करनी होती है।