
tube wells प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)
MP News: इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई दुखद मौतों ने भोपाल प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। शहरवासियों को सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने अब पारंपरिक व्यवस्था को छोड़कर पूरी तरह डिजिटल होने का निर्णय लिया है। इसके तहत शहर के सीवेज और वाटर सप्लाई नेटवर्क को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। भूजल के दूषित होने की पुष्टि के बाद नगर निगम ने राजधानी के करीब 250 ट्यूबवेलों को बंद करने की योजना बनाई है। इन ट्यूबवेलों पर निर्भर इलाकों को अब निगम के मुख्य वाटर सप्लाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही शहर में अवैध जल कनेक्शनों की पहचान के लिए सघन सर्वे शुरू कर दिया गया है, ताकि लीकेज और प्रदूषण की संभावना को खत्म किया जा सके।
नगरीय प्रशासन विभाग ने अमृत रेखा नाम से एक नया वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया है। इस तकनीक के जरिए शहर के सभी 174 ओवरहेड टैंकों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी। नगर निगम के अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा के अनुसार, फील्ड इंजीनियर ऐप के माध्यम से ग्राउंड वेरिफिकेशन करेंगे। यदि कहीं भी पाइपलाइन में खराबी या पानी में प्रदूषण की शिकायत मिलती है, तो डिजिटल मैप की मदद से तुरंत मरम्मत की जाएगी।
निगम अब सीवर और वाटर सप्लाई का पूरा रूट-मैप ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेगा। इससे नेटवर्क की डिजिटल निगरानी संभव होगी और भविष्य में जल संकट या दूषित पानी जैसी स्थितियों पर समय रहते काबू पाया जा सकेगा। वर्तमान में सभी ओवरहेड टैंकों की सफाई का काम भी पूरा कर लिया गया है।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हो रही मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिन सुबह अस्पताल में भर्ती एक युवक की मौत हो गई। शहर में दूषित पानी के कारण एक हजार से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। अभी भी 20 से ज्यादा लोग भर्ती है। सात लोग आईसीयू में भर्ती हैं। दूषित पानी से अब तक 25 मौतें हो चुकी हैं। इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। 40 साल से कम उम्र के तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें छह माह का एक बच्चा भी शामिल है।
Published on:
22 Jan 2026 05:58 pm

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