स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद पूर्वांचल के कद्दावर नेता व योगी सरकार के मंत्री दारा सिंह चौहान ने त्यागपत्र दे दिया है। इससे पूर्वांचल की सियासी गर्मी तेज हो गयी है। दारा सिंह का त्यागपत्र चुनाव से पहले बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। योगी सरकार में वन पर्यावरण और जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। दारा सिंह जल्द ही सपा में शामिल हो सकते है। दारा सिंह का त्यागपत्र अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दारा सिंह के पार्टी छोड़ने से बीजेपी को पूर्वांचल में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बता दें कि दारा सिंह चौहान बसपा के संस्थापक सदस्य रहे हैं। वर्ष 2015 में वे बीजेपी में शामिल हुए और वर्ष 2017 में यूपी में सरकार बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। पिछले कुछ समय से दारा सिंह बीजेपी से नाराज चल रहे थे लेकिन छह दिसबंर को जिस तरह से उन्होंने सीएम योगी के साथ मंच शेयर कर सपा पर हमला बोला था उसके बाद माना जा रहा था कि वे बीजेपी का दामन नहीं छोड़ेंगे लेकिन बुधवार को उन्होंने त्यागपत्र देकर सभी को चौका दिया।
दारा सिंह चौहान ने राज्यपाल को भेजे गए अपने इस्तीफे में लिखा है कि पिछड़ों, वंचितों, दलितों, किसानों और बेरोजगार नौजवानों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के साथ पिछड़े और दलितों के आरक्षण के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, उससे आहत होकर मैं उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा देता हूं। माना जा रहा है कि वह फिर समाजवादी पार्टी का रुख कर सकते हैं। अगर दारा सिंह सपा के साथ खड़े होते हैं तो बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। कारण कि जिस मधुबन सीट से दारा सिंह विधायक चुने गए थे वहां चौहान मतदाता काफी अधिक हैं। एक बार फिर वे उसी सीट से किस्मत आजमाने की कोशिश करेंगे।