
प्रतीकात्मक फोटो
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. ठंड के मौसम में रोगों का खतरा बढ़ जाता है। बेहतर इम्यूनिटी सिस्टम हमें रोगों से बचा सकते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इम्यूनिटी सिस्टम मनुष्य को प्रकृति प्रदत्त उसके शरीर को किसी तरह के अवांछनीय जैविक व अन्य कारकों से बचाने का मजबूत तंत्र है। मनुष्य के शरीर के टोटल भाग की 2 प्रतिशत कोशिकाएं एवं उतक इम्यूनिटी सिस्टम (प्रतिरोधक तंत्र) का हिस्सा होते हैं। इम्यूनिटी पावर ही हमें तमाम रोगों से बचाता है अथवा रोग से लड़ने की ताकत प्रदान करता है। हम थोड़ी सी सावधानी व खानपान एवं रहन सहन को बेहतर बना अपने इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बना सकते है।
जिला महिला अस्पताल में तैनात डा. विनय कुमार सिंह यादव बताते हैं कि गर्भावस्था में ही गर्भस्थ शिशु में इम्युनिटी सिस्टम विकसित होने लगात है। इसके लिए कोशिका, बोनमैरो, लीवर लिम्फनोड, स्प्लीन आदि अंगों में या तो पाये जाते हैं या बनते हैं। वैसे तो इम्यूनिटी सिस्टम बहुत ही व्यापक, सधन एवं जटिल तंत्र है जो हर अंग में आवश्यकता अनुसार समरूप एवं अलग अलग ढंग से काम करता है। हमारे इम्यूनेट सिस्टम की यह विशेषता होती है कि ऐसा कोई भी कारक जो रोग वाहक अथवा रोग प्रदान करने वाला हो सर्वप्रथम उसको पहचानता है। पहचाने के बाद उसको समूल नष्ट करने या रोकने की योजना बनाता है या तो कोशिकीय इम्यूनिटी या ह्यूमरल इम्यूनिटी या फिर दोनों अथवा कोई अन्य तंत्र आवश्यकतानुसार याद करता है।
उन्होंने बताया कि मानव शरीर के रक्त में पायी जाने वाली स्वेत रूधिर कणिकाएं (डब्ल्युबीसी) इम्यूनिटी के लिए जिम्मेदार होती है। इनके निर्माण या क्रियाशीलता को प्रभावित करने वाले कारक को रोकना तथा इनको विकसित करने के लिए आवश्यक वातावरण व खाद्य पदार्थ का होना इम्यूनिटी तंत्र को मजबूत या कमजोर करने के लिए जिम्मेदार होता है।
डा. विनय के मुताबिक यदि मानव शरीर पहले से किसी वायरस से इन्फेक्ट हुआ है तो शरीर के अंदर उस वायरस के खिलाफ एंटीबाडी बन जाती है। इसी विधा को वैक्सिनेशन के लिए यूज किया जाता है। वर्तमान में आये कोरोना वायरस की पहचान इम्यूनिटी सिस्टम द्वारा पहले से नहीं की गयी। शायद इसका एक्सपोजर नहीं हुआ इसलिए इसकी वैक्सिन नहीं बन पायी है। इसलिए हम अपने इम्यूनिटी पावर को मजबूत कर इससे लड़ सकते है।
कैसे बढ़ाए इम्यूनिटी पावर
डा. विनय के मुताबिक हम नियमित दिनचर्या, योग, व्यायाम के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते है। इसके अलावा भोजन में रोक प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक विटामिन, मिनिरल, प्रोटीन को संतुलित मात्रा में नियमित सेवन करे। विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, कैल्सियम, प्रोटीन इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस पर दें ध्यान--
-मछली, गाजर आदि में विटामिन ए प्रचूर मात्रा में पायी जाती है इसका सेवन करें।
-ओट्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर्स पाए जाते हैं, साथ ही इसमें एंटी-माइक्राबियल गुण भी होता है, हर रोज ओट्स का सेवन करने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।
-विटामिन डी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है, साथ ही हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए और दिल संबंधी बीमारियों को दूर रखने के लिए भी विटामिन डी लेना बहुत जरूरी है।
-रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के में खट्टे फल काफी महत्वपूर्ण हैं। इसमें विटामिन सी प्रचूर मात्रा में पाई जाती है। हम संतरा, नींबू और आंवले आदि का सेवन कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
-ग्रीन टी और ब्लैक टी, दोनों ही इम्यून सिस्टम के लिए फायदेमंद होती हैं लेकिन एक दिन में इनके एक से दो कप ही पिएं, ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से नुकसान हो सकता है
-कच्चा लहसुन खाना भी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में सहायक होता है, इसमें प्रचूर मात्रा में ं एलिसिन, जिंक, सल्फर, सेलेनियम, विटामिन ए व ई पाए जाते हैं।
-दही के सेवन से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी बेहतर रखने में मददगार होती है।
-हरी सब्जी, पनीर, दूध आदि का सेवन कर हम प्रोटीन, आयरन आदि की कमी को दूर कर सकते हैं।
Published on:
10 Nov 2021 02:06 pm
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