
धान की खरीद
आजमगढ़. अब क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री के बाद किसानों को भुगतान के लिए महीनों इंतजार नहीं करना होगा और ना ही क्रय केंद्रों पर सक्रिय दलाल उनका शोषण कर सकेंगे। सरकार ने खरीद केंद्रों पर पारदर्शिता रखने के लिए एक मोबाइल एप लॉन्च किया है। धान खरीद की मौके पर ही एप के माध्यम से आनलाइन फीडिंग करनी पड़ेगी। खरीद की मात्रा, किसान का नाम आदि का पूरा ब्यौरा भरना होगा। इससे जहां किसानों का समय से भुगतान होगा, वहीं पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
बता दें कि जनपद में धान खरीद के लिए 67 क्रय केंद्र स्थापित किये गए है। जिसमें खाद्य विभाग के 20, पीसीएफ के 41, यूपी एग्रो के चार एवं भारतीय खाद्य निगम के दो केंद्र स्थापित हैं। धान खरीद के लिए 60 हजार एमटी का लक्ष्य रखा गया है।
पहले धान खरीद की कम्प्यूटर के माध्यम से फीडिंग की जाती थी। प्रत्येक केंद्र पर कंप्यूटर सेट उपलब्ध न होने से इसमें देर होती थी और भुगतान लेट हो जाता था। यहीं नही क्रय केंद्र प्रभारी खुलकर मनमानी करते थे, जिसका फायदा केंद्र के बिचौलिए उठाते थे।
बिचौलिए किसानों का शोषण न कर पाएं और क्रय केंद्र प्रभारी भी किसानों का उत्पीड़न न करेंं इसके लिए सरकार ने मोबाइल एप विकसित किया है। मोबाइल एप के माध्यम से अधिकारियों को धान खरीद की जानकारी मिलती रहेगी। एप से सभी खरीद केंद्र व राज्य स्तर के अधिकारी आपस में जुड़े रहेंगे।
खरीद केंद्रों से हर रोज भेजी जाने वाली सूचना ऊपर तक मिलती रहेगी। जहां इंटरनेट नहीं होगा या इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या होगी वहां यह एप ऑफलाइन मोड पर भी काम करेगा। सरकार का यह प्रयास काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
डिप्टी आरएमओ का कहना है कि यह सरकार कि महत्वपूर्ण पहल है, इससे भुगतान में देरी की संभावना खत्म हो जाएगी। कारण कि क्रय केंद्र प्रभारी खरीद के समय ही आन लाइन या आफ लाइन डाटा अपडेट कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसान अपना पंजीकरण जन सुविधा केंद्र या साइबर कैफे से करा सकते हैं। इस वर्ष बटाइदार और अनुबंधित किसानों से भी धान खरीद की जाएगी। महिला किसानों को वरीयता दी जा रही है।
By Ran Vijay Singh
Published on:
26 Oct 2020 04:03 pm
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