वरिष्ठ चिकित्सक डा. विनय कुमार सिंह यादव का कहना है कि यह युवाओं के लिए जहर है। यह ड्रग्स एडिक्ट होने की पहली सीढ़ी है। इंक रिमूबर, पेंट, सुलेसन आदि जिसमें कार्बनिक पदार्थो की मात्रा पायी जाती है उसके उपयोग से लोगों के मस्तिष्क को वैसा ही आनंद मिलता है जैसा ड्रग आदि के उपयोग से मिलता है। धीरे-धीर जब डोज बढ़ता है तो वे दूसरे नशीले पदार्थो की तरफ बढ़ते जाते है। यह बेहद खतरनाक है।