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मोरीजा में खतरे में करोड़ों की आबादी भूमि की सुरक्षा

जयपुर जिले की चौमंू तहसील की ग्राम पंचायत मोरीजा का मामला: समाजकंटक काट ले गए थे तारबंदी
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बगरू

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Dinesh prashad Sharma

•

Updated: 7 Aug 2020, 7:22 PM IST

मोरीजा में खतरे में करोड़ों की आबादी भूमि की सुरक्षा

मोरीजा में खतरे में करोड़ों की आबादी भूमि की सुरक्षा

चौमूं. ग्राम पंचायत मोरीजा की करोड़ों रुपए की आबादी भूमि को संरक्षित करने के मकसद से करीब तीन साल पहले पांच लाख से अधिक राशि खर्च करके तारबंदी समेत अन्य कार्यों करवाए थे, लेकिन सार-संभाल नहीं होने से समाजकंटक अधिकतर पोल व तार काट ले गए, जिससे खाली पड़ी आबादी भूमि की सुरक्षा फिर खतरे में है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत प्रशासन के गांव मोरीजा में रडे पर करीब आठ बीघा भूमि आबादी भूमि है, जिस पर कुछ सालों पहले खानाबदोश परिवारों ने अस्थायी रूप से कब्जा कर लिया था, जिस पर पंचायत ने उपखंड प्रशासन व सामोद पुलिस की मदद से भूमि को कब्जामुक्त करवा दिया। साथ ही इसके सौन्दर्यकरण एवं इसे संरक्षित करने का निर्णय किया।
5.90 लाख की राशि की स्वीकृत
इस आबादी भूमि को संरक्षित व सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से ग्राम पंचायत मोरीजा ने वर्ष 2016-2017 में लगभग 5.90 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की। इसमें आबादी भूमि में समतलीकरण व पौधारोपण कार्य के लिए एफएफसी योजना के अंतर्गत 3.30 लाख एवं तारबंदी के लिए यूटीएफ योजना के अंतर्गत 2.60 लाख स्वीकृत किए। इस राशि में से करीब 5.56 लाख खर्च करके संरक्षण के अभाव में बदहाल पड़ी भूमि का समतलीकरण करवाया। चहुंओर सुरक्षा की खातिर पोल (खंभे) लगाकर तारबंदी करवा दी गई, जिससे कोई भी जानवर घुस नहीं कर सके।
तारबंदी को नहीं छोड़ा
पंचायत प्रशासन के तारबंदी करने के कुछ समय बाद ही नियमित सार-संभाल नहीं करने के कारण समाजकंटक तारबंदी में लगे पोल व तारों को काट ले गए, जिससे आबादी भूमि फिर बदहाल हो गई। पंचायत प्रशासन ने सामोद थाने में भी शिकायत की, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। नतीजतन, इस बेशकीमती भूमि पर अतिक्रमियों की नजर गड़ी हुई है।

उपसरपंच ने लगाए आरोप
ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुदर्शन शर्मा ने बताया कि इस भूमि में हुए कार्यों पर खर्च हुई राशि के संबंध में मौकास्थल व ग्राम पंचायत की दीवार पर लिखे आंकड़ों में अंतर है। पौधारोपण व समतलीकरण कार्य पर व्यय राशि मौका स्थल पर 3,14,810 रुपए है, जबकि पंचायत की दीवार पर इसी निर्माण कार्य पर व्यय हुई राशि 3,16,270 लिखी हुई है। इसी तरह तारबंदी कार्य पर खर्च राशि मौकास्थल पर 2,37,764 रुपए तो पंचायत भवन की दीवार पर इसी कार्य पर व्यय राशि 2,39,690 रुपए लिखी हुई है। इसी तरह वर्ष 2016में लिखे आंकड़ों में भी अंतर है। उपसरपंच ने भ्रमित करने वाले आंकड़ों एवं तारबंदी व अन्य कार्यों की जांच करने की प्रशासन से की मांग की है।
इनका कहना है
करीब आठ बीघा आबादी भूमि पर पुलिस व प्रशासन के सहयोग से कब्जे हटवाकर तारबंदी की गई थी। समाजकंटक तारबंदी को काट ले गए थे। इसकी शिकायत सामोद थाने में दी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
मामराज शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत मोरीजा