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बहराइच के अपराधी संजय मिश्रा का कासगंज में एनकाउंटर!

संजय मिश्रा बीती रात अपने 3 साथियों सहित पुलिस और ग्रामीणों की मुठभेड़ में मार गिराया गया।

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Bahraich criminal Sanjay Mishra

Bahraich. योगी सरकार के राज में UP की सीमा में फैले तमाम पेशेवर अपराधियों के एनकाउंटर का सेंसेक्स बड़ी तेजी के साथ उछाल मार रहा है। आप को बता दें कि UP की सत्ता का जिम्मा संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अपराधियों को आगाह करते हुए सधे लहजे में इस बात का ऐलान किया था कि अपराधी या तो जेल की सलाखों में चले जाएं या फिर उत्तर प्रदेश को छोड़ कहीं बाहर चले जाएं। समय सीमा के बाद अगर कहीं नजर आए तो सीधे यमराज के घर पहुंचा दिए जाएंगे। जिसका जीता जागता उदाहरण है कि अब तलक तमाम अपराधी UP पुलिस से हुई मुठभेड़ के दौरान इनकाउंटर में गिराए जा चुके हैं। इसी प्रक्रिया में बहराइच जिले के कोतवाली नानपारा क्षेत्र के कस्बे का रहने वाला संजय मिश्रा बीती रात अपने 3 साथियों सहित पुलिस और ग्रामीणों की मुठभेड़ में मार गिराया गया। घटना स्थल पर गैंग के सरगना हिस्ट्रीशीटर बदमाश राजकुमार ठाकुर की मौके पर मौत हो गयी जबकि बहराइच निवासी संजय मिश्रा की इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गयी।

मौत से पहले मृतक अपराधी संजय मिश्रा ने बताया कि वो अपने गिरोह के साथ एक मर्डर के लिये पटियाली क्षेत्र में गए थे तभी ग्रामीणों और पुलिस की घेराबन्दी के दौरान हुई फायरिंग में उसका मुखिया राजुकमार मार गिराया गया और जबकि संजय मिश्रा और बबलू नाम के 2 अपराधियों को गोली लगी, जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक अपराधी संजय मिश्रा के बारे में जानकारी देते हुए कोतवाली नानपारा के कोतवाल संजय दूबे ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया मृतक संजय मिश्रा करीब 15 दिनों से अपने घर से लापता चल रहा था। जो कि आपराधिक छवि का व्यक्ति है। बड़े बड़े अपराधियों के साथ रहना और खुद को STF का अफसर बताकर लोगों पर धौंस जमाना उसका शौक रहा है।बाकी उसके क्रिमनल रिकार्ड की कुंडली को खंगाला जा रहा है।

कासगंज जिले कोतवाली पटियाली क्षेत्र के नोगमा चहका गांव में एक हिस्टीशीटर अपराधी राजकुमार ठाकुर ओर उसके दो अन्य साथी संजय मिश्रा व बबलू को चेहटा गांव रहने वाले एक सुनील नाम के युवक की भाड़े पर हत्या करने आये थे । जिसकी भनक लगते ही घेराबन्दी कर तीनो बदमाशो के साथ ग्रामीणों की मौके मुठभेड़ हो गयी जिसमें दोनों तरफ से हुई फायरिंग में संदिग्ध परिस्थियों में राजकुमार नाम के बदमाश की घटना स्थल पर ही गोली लगने से मौत हो गई जबकि दूसरा बदमाश संजय मिश्रा और बबलू नाम के दोनों बदमाश भी इस फायरिंग में गोली लगने से बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल भेजा गया जंहा संजय मिश्रा नाम के बदमाश की भी इलाज़ के दौरान मौत हो गई, आपको बता दे मुठभेड़ में मारा गया बदमाश राजकुमार कोतवाली पटियाली क्षेत्र के ही नोगमा गांव का रहने वाला था। जो की एक पेशेवर अपराधी था जिसका क्षेत्र में बुरी तरह आतंक छाया हुआ था। गैंग का सरगना राजकुमार हाल ही में एक हत्या के मामले में बांछित भी चल रहा था और राजकुमार पर कासगंज जनपद में दर्जनों गंभीर अपराध के मामले भी दर्ज थे। वहीं इनकाउंटर में मारा गया दूसरा बदमाश संजय मिश्रा जनपद बहराइच का रहने वाला था जो कि कुछ समय से राजकुमार के ही साथ रहकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था बही तीसरा बदमाश बबलू राजकुमार के गांव का ही रहने वाला है जो घायल है।

फिलहाल पुलिस ने दोनो मृतक बदमाशो की लाश को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजा गया है। घटना में घायल तीसरे बदमाश बबलू का इलाज जारी है, पुलिस ने घटना स्थल से तीन तमंचे 11 खोखा कारतूस भी बरामद किए है। घटना की सूचना मिलते ही कासगंज के एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने घटना स्थल का निरीक्षण किया और बताया कि पुलिस को कंट्रोल रूम पर सूचना मिली कि तीनो बदमाशो ओर ग्रामीणों में जमकर फायरिंग हो रही है और जब सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो राजकुमार नाम का बदमाश मृत अबस्था में एक घर मे पड़ा था जिसके पास एक तमंचा भी पड़ा था और दूसरा बदमाश संजय घायल हालत में था। बही सबसे बड़ी बात ये रही कि जब घायल संजय मिश्रा से उसकी मौत से पहले बात की गई तो उसने साफ तौर पर बताया कि पुलिस और ग्रामीण दोनो फायरिंग कर रहे थे और दोनों लोगो की गोलियां हमे लगी है, लेकिन एसपी का बयान है कि पुलिस बाद में पहुंची है आखिर पुलिस सच को क्यो छिपा रही है? कासगंज में हुई मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशो की मौत के पीछे की असली वजह क्या है इसका राज फाश जांच के दौरान की पता लगेगा।