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अखिलेश के पूर्व मंत्री की सादगी, योगीराज में भी बन रही मिसाल, वीडियो वायरल

अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री रहे बंशीधर बौद्ध का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है

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बहराइच. उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में मंत्री रहे बंशीधर बौद्ध का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो जानवरों के लिए घास छीलते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि उनसे आवारा जानवरों का दर्द नहीं देखा जाता, जो भूख-प्यास के कारण इधर-उधर भटक रहे हैं। इसी के चलते वो खुद घास छीलकर आवारा जानवरों के लिए चारा खिलाने के साथ ही दाना-पानी का इंतजाम कर उनकी सेवा कर रहे हैं।

वर्ष 2014 में बलहा विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बंशीधर बौद्ध ने बीजेपी के खाते वाली सीट पर सपा का परचम लहराकर तत्कालीन अखिलेश सरकार में समाज कल्याण मंत्री (राज्य मंत्री) बने थे। सपा के इस नेता की सादगी ही इनकी पहचान है। बड़े-बड़ों को छोड़िए आज के छुटभैये नेता भी लाव-लश्कर लेकर महंगी गाड़ियों में घूमते हैं, लेकिन अखिलेश के कर्मठ सिपाही बंशीधर गौसेवा में अपना वक्त गुजार रहे हैं।

कतर्नियां जंगल से सटे नई बस्ती टेड़िया गांव के रहने वाले बंशीधर बौद्ध कहते हैं कि आस-पास के लोगों ने तमाम गायों को जंगल में छुट्टा छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि भूख-प्यास से अब कई आवारा जानवर काल का ग्रास बन चुके हैं। इनकी तरफ किसी का ध्यान नहीं है। इसलिए वो आवारा जानवरों के लिए खुद घास छीलकर उनके चारे-पानी का इंतजाम करते हैं।

झोपड़ी में रहते हैं पूर्व मंत्री
बहराइच के कतर्नियाघाट सेंचुरी रेंज के बीच बसे नई बस्ती टेड़िया गांव निवासी बंशीधर बौद्ध मूलरूप से पूर्वांचल के बलिया जिले के निवासी हैं। सन 1970 के करीब वह अपने परिवार के साथ वन टांगिया मजदूर बनकर वन क्षेत्र में आकर बस गए थे। परिवार का पेट पलने के लिये बंशीधर ने इस इलाके में संचालित सेंट्रल स्टेट फार्म में चौकीदारी की नौकरी की और फार्म बन्द होने के बाद साइकिल के पंचर की दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पाला। आज भी ये वन क्षेत्र में फूस की झोपड़ी में 5 बेटों और 3 बहुओं से भरे परिवार में रहते हैं। बंशीधर को महलों में रहने का शौक नहीं है। वह अपनी झोपड़ी को किसी महल से कम नहीं आंकते।

ऐसी है इनकी दिनचर्या
विधायक से लेकर मंत्री बनने के बाद भी बंशीधर की दिनचर्या बिल्कुल नहीं बदली। तब से लेकर आज तक उनके दिन की शुरुआत झाड़ू लगाने, खेतों में काम करने, जानवरों के लिए चारा-पानी का इंतजाम करने से शुरू होती है।

राजनीतिक करियर
वर्ष 2000 में जब पंचायत चुनाव हुए, तो वार्ड नंबर 6 से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले बंशीधर बौद्ध ने चुनाव लड़ा और जीत गए। इसी के साथ उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। वर्ष 2010 तक वह जिला पंचायत सदस्य रहे। इसके बाद वो BSP के संगठन की सक्रिय राजनीति में शामिल हो गए। इसी बीच बलहा विधायक सावित्रीबाई फुले सांसद चुनी गईं। सितंबर 2014 में जब उपचुनाव हुए तो बलहा सुरक्षित सीट पर सपा प्रत्याशी के रूप में बंशीधर को पार्टी ने मैदान में उतारा गया। उपचुनाव में भारी बहुमत के साथ बंशीधर विधायक चुने गए। तत्कालीन सरकार ने ने इनकी सादगी पर इन्हें राज्य मंत्री के ताज से सुशोभित कर इनके कद को और भी ऊंचा कर दिया।