17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बैंक कर्मचारी नहीं कर रहे काम, ऑनलाईन सेंटर कर रहे वसूली

लाइफ सर्टिफिकेट पर पेंशनर्स से वसूले जा रहे 50 रुपए जानकारी के बाद भी लापरवाही बने जिम्मेदारपेंशनरो की समस्या को लेकर आगे नहीं आ रहा कोई

2 min read
Google source verification
बैंक कर्मचारी नहीं कर रहे काम, ऑनलाईन सेंटर कर रहे वसूली

बैंक कर्मचारी नहीं कर रहे काम, ऑनलाईन सेंटर कर रहे वसूली


कटंगी। भारतीय स्टेट बैंक शाखा कटंगी के पेंशन धारकों के साथ इन दिनों जमकर लूट की जा रही है। यह लूट बैंक तथा एक कामन सर्विस सेंटर यानि सीएससी संचालक योजनाबद्ध तरीके से कर रहे हैं। पेंशन धारकों ने बताया कि पेंशन को नियमित जारी रखने के लिए हर साल नवबंर के महीने में पेंशन धारक को बैंक में जीवित होने का प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा कराना पड़़ता है। यह प्रक्रिया बहुत ही साधारण तथा आसान है। इस प्रक्रिया में बैंक एक फार्म प्रदान करता है, जिसमें पेंशन धारक को अपनी जानकारी भरनी होती है। इसके बाद ऑनलाइन आधार बेस्ड लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया भी की जाती है। जिसमें सिर्फ चंद मिनट लगते हैं।
मगर, एसबीआई बैंक शाखा कटंगी में बैंक कर्मचारी इस काम को करने से गुरेज कर रहे हैं तथा पेंशन धारकों को एक निश्चित जगह पर (सीएससी) भेजा जा रहा है। जहां पेंशन धारकों से 50 रुपए तक वसूल किए जा रहे हैं। बताया गया कि यह बैंक के नियमों के बिलकुल भी विपरीत है। बावजूद इसके पेंशनरो की आवाज उठाने कोई आगे नहीं आ रहा है।
जिम्मेदार बने गैरजिम्मेदार
गत सोमवार को पेंशन धारक शिक्षक एलएल दुबे ने जब बैंक में इस बात का विरोध किया, तो बैंक कर्मचारियों द्वारा बैंक परिसर में अंडर डेकोरेशन का कार्य सहित व्यस्तता का हवाला देकर मामले से पलड़ा झाड़ लिया। वहीं इस मामले में बैंक प्रबंधक का रवैया भी पेंशनरो के विपरीत नजर आ रहा है। जिनके द्वारा सीएससी सेंटर का बचाव करते हुए पेंशनरों को यह कहकर नसीहते दी जा रही है कि वे अपनी मर्जी अनुसार कही भी लाइफ सर्टिफिकेट का कार्य करवा सकते हैं।
कमिशन का खेल
लाइफ सर्टिफिकेट के नाम पर किए जा रहे आर्थिक शोषण के इस मामले को पेंशनर अब कमिशन बाजी के खेल से जोड़ कर देख रहे हैं। पेंशनरो ने आरोप लगाया है कि बैंक कर्मचारियों द्वारा शायद सीएससी सेंटर से मिलीभगत कर ली है। सीएससी सेंटर द्वारा प्रत्येक लाइफ सर्टिफिकेट पर लिए जा रहे ५० रुपए में कुछ हिस्सा बैंक कर्मचारियों को मिल रहा होगा, तभी तो हर वर्ष होने वाले इस साधारण से कार्य के लिए भी उन्हें परेशान कर सीएससी सेंटर जाने बाध्य किया जा रहा है। पेंशनर भी मजबूर रूपए देकर लाइफ सर्टिफिकेट बनाने मजबूर है। पेंशनरो ने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप किए जाने की अपील की है।
बता दें कि सेवानिवृत्त पेंशन धारक इस काम को अपने घर पर बैठे-बैठे उमंग एप के जरिए भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कर्मचारी आधार सेंटर और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए भी जीवित रहने का प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
वर्सन
इस समस्या को लेकर हम बैंक मैनेजर के पास गए थे। लेकिन उनका रवैया भी पेंशनरो के हितार्थ नहीं है। उन्होंने कोई संतोषप्रद जवाब न देते हुए यह कहकर हमें लौटा दिया कि अंडर डेकोरेशन का काम चल रहा है। पेंशनरो चाहे तो कही और से लाइफ सर्टिफिकेट का कार्य करवा सकते हैं।
डीसी चौधरी, अध्यक्ष पेंशनर एसोसिएशन

लाइफ सर्टिफिकेट सिर्फ बैंक से ही बनाया जाए ऐसा कोई नियम नहीं है। पेंशनर जहां से चाहे वहां से बनवा सकता है। हालाकि बैंक में थोड़ा कार्य प्रभावित तो हो रहा है। लेकिन बैंक में भी लाइफ सर्टिफिकेट का कार्य किया जा रहा है।
एच द्विवेदी, शाखा प्रबंधक