
सुबह 10.52 तक भी नहीं खुला बीआरसी कार्यालय
खैरलांजी। जिले के ग्रामीण अंचलों में इन दिनों शिक्षकों और जिम्मेदारों की मनमानी चल रही है। विभाग का कोई भी जिम्मेदार निर्धारित समय पर कार्यालय और स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं। ताजा उदाहरण गुरूवार को बीआरसी कार्यालय का सामने आया। सुबह करीब 10.52 बजे तक बीआरसी कार्यालय में ताला जड़ा हुआ था। यहां कार्यालय सहायक से लेकर एक भी कर्मचारी नहीं पहुंचा था। जब स्कूलों की मॉनीटरिंग करने वाले ही समय का पालन नहीं कर रहे हैं तो शिक्षकों से क्या उम्मीद की जा सकती है स्पष्ट समझा जा सकता है।
जानकारी के अनुसार बीआरसी कार्यालय खैरलांजी में बीएसी और जनशिक्षक पर स्कूलों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी होती है। यहां नौ जनशिक्षक, पांच बीएसी, दो एमआरसी, दो लेखापाल ऐसे कुल 18 कर्मचारी पदस्थ है। लेकिन गुरूवार को 11 बजे तक कार्यालय में एक भी अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंच पाया था।
इन कार्यो की जिम्मेदारी
जानकारी के अनुसार बीआरसी कार्यालय में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों पर निशुल्क गणवेश वितरण, साइकल वितरण, किताबों का वितरण, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था के संचालन के अलावा स्कूलों की भी जिम्मेदारी होती है। लेकिन इस कार्यालय के जिम्मेदार ही समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं तो स्कूलों के समय पर खुलने और बंद होने की कितनी उम्मींद की जा सकती है स्पष्ट समझा जा सकता है।
पत्रिका ने जानी व्यवस्थाएं
पत्रिका ने गुरूवार को बीआरसी कार्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान 10.52 बजे तक बीआरसी, बीएसी और अन्य कमरों पर ताला जड़ा हुआ था। बीएसी राजकुमार मेश्राम, जन शिक्षक चंद्रकांत वरकड़े पहुंचे थे, लेकिन आफिस बंद होने के कारण उन्हें बाहर ही खड़ा रहना पड़ा। कुछ समय बाद चपरासी सुनील पहुंचे और ताला खोला गया।
पूर्व में दिए गए नोटिस
चर्चा में बीआरसी शंकरलाल भगत ने बताया की उन्होंने पूर्व में विलंब से आने वालों को नोटिस जारी किया है। इसके बाद भी उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया है। गुरूवार को वे क्षेत्र में मॉनीटरिंग पर गए हुए थे। इस कारण कार्यालय नहीं पहुंचे थे।
बीइओ के भी हाल बेहाल
विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी इस दौरान तीन कर्मचारी और बीईओ स्वयं अनुपस्थित थे। बताया गया कियहां के कुछ बाबू प्रतिदिन विलंब से कार्यालय पहुंचते हंै।
वर्सन
हमें भी लगातर इस प्रकार की शिकायत प्राप्त हो रही है। लेकिन अभी तक औचक निरीक्षण हमने नहीं किया है। भविष्य में निरीक्षण कर संबंधित अधिकारी के साथ कलेक्टर को भी अवगत करवाया जाएगा।
दुर्गाप्रसाद लिल्हारे, जनपद उपाध्यक्ष खैरलांजी
इस संबंध में बीआरसी से बात करेंगे। सभी को समय पर कार्यालय पहुंचना चाहिए। बीआरसी द्वारा पूर्व में नोटिस जारी होने के बाद भी यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ है, तो यह गलत बात है।
महेश शर्मा, डीपीसी
एक बार बीइओ से भी चर्चा करें की स्टॉफ कहीं काम से नहीं गया है। आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। सभी को समय पर पहुंचना चाहिए। इस संबंध में बीइओ से चर्चा करेंगे।
अश्विनी उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी
Published on:
01 Mar 2024 08:34 pm
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